Hardoi : पिहानी चुंगी से खेतुई तक 72 करोड़ की फोर लेन विवाद के बीच सांसद और नगर पालिकाध्यक्ष की वायरल पोस्ट से सियासी पारा चढ़ा
सांसद जय प्रकाश रावत ने सोशल मीडिया पर हरदोई-लखनऊ रोड पर लोधी गांव में एक अत्याधुनिक “सुविधा केंद्र” के निर्माण को लेकर पोस्ट की, जिसमें कहा कि फूड प्लाजा, स्वच्छ
- नगर पालिका अध्यक्ष की पोस्ट पर सांसद जयप्रकाश ने लिखा- नगर पालिका में भ्रष्टाचार को लेकर जल्द जवाब देना होगा
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पिहानी चुंगी से खेतुई तक प्रस्तावित 72 करोड़ रुपये की फोर लेन सड़क परियोजना को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना, जो हरदोई शहर के यातायात को सुगम बनाने और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है, अब राजनीतिक श्रेय की होड़ का केंद्र बन गई है। सांसद जय प्रकाश रावत और राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल के समर्थकों के बीच इस परियोजना को अपनी-अपनी उपलब्धि के रूप में पेश करने की प्रतिस्पर्धा ने जिले की राजनीति को गरमा दिया है। इसी बीच सांसद और नगर पालिकाध्यक्ष की वायरल पोस्ट से सियासी गलियारों में तापमान बढ़ता दिखाई दे रहा है।
सांसद जय प्रकाश रावत ने सोशल मीडिया पर हरदोई-लखनऊ रोड पर लोधी गांव में एक अत्याधुनिक “सुविधा केंद्र” के निर्माण को लेकर पोस्ट की, जिसमें कहा कि फूड प्लाजा, स्वच्छ वॉशरूम, पार्किंग, विश्राम कक्ष और एक्सप्रेसवे जैसी सुविधाएं होंगी। उन्होंने इसे हरदोई के विकास और बदलाव का प्रतीक बताया। इस परियोजना के लिए 1.5 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की जा चुकी है और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा इसे संचालित किया जाएगा। ज्ञात हो कि इससे पहले परियोजना को लेकर सांसद जय प्रकाश रावत और राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल के समर्थकों के बीच श्रेय लेने की होड़ ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया था। राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर परियोजना के लिए शीघ्र बजट आवंटन और कार्य शुरू करने का अनुरोध किया। दूसरी ओर, सांसद जय प्रकाश रावत ने दावा किया कि उन्होंने 22 जुलाई को मुख्यमंत्री से इस विषय पर चर्चा की थी और पिछले तीन वर्षों से इस परियोजना के लिए प्रयासरत हैं। गुरुवार शाम को उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और परियोजना की स्वीकृति को अपनी पहल से जोड़ा।
इसके बाद दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जंग छिड़ गई। समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं को श्रेय देने के लिए तस्वीरें, पत्र और परियोजना से जुड़े दस्तावेज साझा किए। कुछ ने मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीरें पोस्ट कीं, तो कुछ ने स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज साझा कर अपनी उपलब्धियां गिनाईं। इस सियासी खींचतान ने सोशल मीडिया को गहमागहमी का अड्डा बना दिया, जहां समर्थकों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र मधुर ने भी इस जंग में हिस्सा लेते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि इस परियोजना की स्वीकृति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और नितिन अग्रवाल के अथक प्रयासों का परिणाम है। जवाब में, सांसद जय प्रकाश रावत ने कमेंट किया कि नगर पालिका में भ्रष्टाचार को लेकर जल्द जवाब देना होगा, जिसने विवाद को और हवा दी।
हरदोई में सांसद जय प्रकाश रावत और राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी की चर्चा आम रही है। सार्वजनिक मंचों और कार्यक्रमों में दोनों का एक साथ नजर न आना और एक-दूसरे से दूरी बनाए रखना इस तनाव का संकेत देता है। अब यह सड़क परियोजना इस तनाव को खुली प्रतिस्पर्धा के रूप में सामने ला रही है। हरदोई में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। नवंबर 2024 में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरदोई में खराब सड़क निर्माण को लेकर नाराजगी जताई थी और 16 इंजीनियरों को निलंबित किया था, जिसमें तत्कालीन अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र भी शामिल थे। इस घटना ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। अब इस नई परियोजना के साथ यह उम्मीद की जा रही है कि गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नेहरदोई के सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
मार्च 2025 में व्यय वित्त समिति से तकनीकी स्वीकृति मिलने के बावजूद परियोजना के लिए बजट आवंटन अभी तक नहीं हुआ है, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इस देरी ने न केवल सियासी तनाव को बढ़ाया है, बल्कि स्थानीय जनता में भी असंतोष पैदा किया है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि नेताओं की श्रेय की लड़ाई परियोजना में देरी का कारण बन सकती है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमें नेताओं की आपसी खींचतान से कोई मतलब नहीं, बस सड़क जल्दी बन जाए। यह सड़क हमारे लिए बहुत जरूरी है।”
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