Hardoi News : संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान की समीक्षा- सीडीओ ने जताई नाराजगी, एमओआईसी को कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश
हरदोई विकास भवन में सीडीओ ने संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान और जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा की। सुस्त प्रगति पर चिकित्सा अधीक्षकों को कड़ी चेतावनी दी।
हरदोई। जनपद में संक्रामक रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान तथा जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित गतिविधियों, जमीनी प्रगति और स्वास्थ्य संकेतकों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक संचालित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 12 अक्टूबर से प्रभावी दस्तक अभियान के तहत 1 से 26 अक्टूबर के बीच डब्ल्यूएचओ और सरकारी अधिकारियों द्वारा जनपद के कुल 166 गांवों तथा 837 घरों में स्थलीय निगरानी की गई है। इस दौरान अभियान से जुड़े सभी प्रमुख विभागों का समग्र प्रदर्शन राज्य के औसत से बेहतर दर्ज किया गया है।
अपेक्षित प्रगति न मिलने पर सीडीओ ने लगाई फटकार, माइक्रोप्लान पर जोर मुख्य विकास अधिकारी ने समीक्षा में पाया कि कतिपय क्षेत्रों में अभियान की गति संतोषजनक नहीं है। इस पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के शेष बचे दिनों में माइक्रोप्लान के अनुरूप कार्य करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किए जाएं। शहरी क्षेत्रों में नालियों की समुचित सफाई, जलजमाव निवारण और फॉगिंग की स्थिति की जांच की गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़ियों की कटाई, एंटी लार्वा रसायनों के छिड़काव और स्वच्छता प्रबंधन पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही पशुपालन विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) और शिक्षा विभाग की अंतर-विभागीय गतिविधियों की भी गहन समीक्षा की गई।

दस्तक अभियान: आभा आईडी निर्माण और बुखार के मामलों का त्वरित रेफरल दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण, बुखार के लक्षण वाले मरीजों की समयबद्ध पहचान, समुचित उपचार और उच्च केंद्रों पर रेफरल की स्थिति का जायजा लिया गया। मच्छरों के लार्वा और प्रजनन स्रोतों को विनष्ट करने, फाइलेरिया से बचाव के उपायों और आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी बनाने के कार्यों की प्रगति को और तेज करने के निर्देश दिए गए।

आरसीएच पोर्टल व मातृत्व योजनाओं पर लापरवाही पर एमओआईसी को चेतावनी जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की समीक्षा के दौरान आरसीएच पोर्टल पर डेटा फीडिंग, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) की धीमी प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों (सीएचसी अधीक्षकों) एवं चिकित्सा प्रभारियों (एमओआईसी) को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने की चेतावनी दी। सीडीओ ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए, अन्यथा शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द सचान, नोडल अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी जीतेंद्र कुमार, समस्त सीएचसी अधीक्षक, संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा सहयोगी विकास संस्थाओं के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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