हरदोई: डीएलआरसी बैठक में बैंकों के खराब प्रदर्शन पर भड़के डीएम, लोन आवेदन लटकाने पर 1 हफ्ते का अल्टीमेटम
हरदोई में डीएलआरसी बैठक के दौरान जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने बैंकों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। लंबित ऋण आवेदनों को एक सप्ताह में निपटाने के निर्देश।
जनपद में स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और बैंकों की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा की गई। जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ऋण वितरण की सुस्त चाल और खराब ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) पर कड़ा रुख अपनाया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक प्रबंधकों को कार्यसंस्कृति में सुधार लाने और पात्र हितग्राहियों के लंबित ऋण आवेदनों को तत्काल प्रभाव से स्वीकृत करने की कड़ी हिदायत दी।

सीडी रेशियो के मूल्यांकन के दौरान भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक की स्थिति बेहद असंतोषजनक पाई गई। इस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने जमा पूंजी के अनुपात में ऋण वितरण बढ़ाने और स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। वहीं वार्षिक लक्ष्यों को पूरा न करने पर यूनियन बैंक, यूको बैंक, सहकारी ग्राम विकास बैंक और बंधन बैंक के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए।

युवाओं के भविष्य और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के प्रति बैंकों की उदासीनता पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। युवा उद्यमी योजना में स्टेट बैंक, ग्रामीण बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर स्थिति सुधारने की अंतिम चेतावनी दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी में स्टेट बैंक के लचर प्रदर्शन पर फटकार लगाते हुए सभी लंबित पत्रावलियों को फौरन निस्तारित करने के आदेश जारी किए गए।

जनहित से जुड़ी प्राथमिक योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों, पीएम विश्वकर्मा, पीएमएफएमई और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में रेहड़ी-पटरी व छोटे दुकानदारों को बिना देरी के वित्तीय मदद मुहैया कराई जाए। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, मुद्रा योजना और मुख्यमंत्री खादी ग्रामोद्योग योजना के लंबित प्रकरणों को समयबद्ध रूप से निपटाने के साथ-साथ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से शत-प्रतिशत आच्छादित करने पर जोर दिया गया।

बैठक के अंत में आरसेटी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति देखते हुए युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में हुनरमंद बनाकर स्वरोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल, उपायुक्त उद्योग हर्ष प्रताप सिंह और अग्रणी जिला प्रबंधक अरविन्द रंजन सहित सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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