Hardoi News: मिशन शक्ति 6.0: हरदोई में ज्योति बनीं एक दिन की डीएम और वंशिका ने संभाली सीडीओ की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी
मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ विकसित
हरदोई। मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ विकसित करने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सुरसा की दो छात्राओं को एक दिन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया गया। कक्षा 8 की छात्रा ज्योति ने एक दिन की जिलाधिकारी की प्रतीकात्मक भूमिका निभाई, जबकि छात्रा वंशिका एक दिन की मुख्य विकास अधिकारी बनीं। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था, जनसुनवाई और जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला।

ज्योति ने समझी डीएम की कार्यप्रणाली
जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने छात्रा ज्योति को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, कार्यालयी दायित्वों और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। जनसुनवाई के दौरान ज्योति ने फरियादियों की समस्याओं और शिकायतों को सुना तथा उनके समाधान की प्रशासनिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
वंशिका बनीं एक दिन की सीडीओ, दिव्यांग के आवास का मामला सुना
मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल के मार्गदर्शन में छात्रा वंशिका ने विकास योजनाओं, कार्यालयीन दायित्वों और जनसुनवाई की प्रक्रिया को समझा। अधिकारियों के साथ बैठकर उन्होंने जनसमस्याओं को सुनने और उनके समाधान की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। इसी दौरान एक महिला अपने पूर्ण रूप से दिव्यांग पुत्र लंकेश के लिए आवास की मांग लेकर पहुंचीं। छात्रा वंशिका ने प्रकरण को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। इस पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारी को परिवार की पात्रता के अनुसार शीघ्र आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना उद्देश्य
मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव कराना, उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाना है। इस पहल से छात्राओं को न केवल प्रशासनिक कार्यों को समझने का अवसर मिला, बल्कि उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम का संदेश है कि बेटियों को नेतृत्व के अवसर देकर उन्हें सक्षम, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
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