हरदोई में राष्ट्रवादी ब्रह्म महासभा का प्रदर्शन, यूजीसी नियम वापस लेने और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
हरदोई में राष्ट्रवादी ब्रह्म महासभा ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। यूजीसी के नए नियम वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट में संशोधन और आर्थिक आरक्षण की मांग उठाई।
हरदोई। राष्ट्रवादी ब्रह्म महासभा की जिला इकाई के पदाधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए विनियमों को वापस लेने, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के दुरुपयोग पर रोक लगाने और आरक्षण व्यवस्था का आधार जाति के स्थान पर आर्थिक स्थिति को बनाए जाने की पुरजोर मांग की गई। जिलाध्यक्ष ऋषिकांत मिश्रा और जिला महासचिव राजू वाजपेई के नेतृत्व में सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लाया गया नया विनियम समानता के संवैधानिक अधिकार के विपरीत है।
इससे उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा, जिससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों को गंभीर क्षति पहुंचेगी। संगठन ने इस विसंगतिपूर्ण नियम को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। मांग पत्र में यह भी कहा गया कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के कड़े प्रावधानों का अनुचित उपयोग कर निर्दोष नागरिकों को बिना गहन जांच के प्रताड़ित किया जाता है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच के उपरांत ही वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने और झूठे आरोप लगाने वालों के विरुद्ध सख्त दंड का कानूनी प्रावधान जोड़ने का आग्रह किया गया।
इसके अतिरिक्त संगठन ने कहा कि गरीबी किसी जाति विशेष तक सीमित नहीं होती, इसलिए देश में आरक्षण का एकमात्र पैमाना जाति के बजाय वार्षिक पारिवारिक आय होना चाहिए ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिल सके। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से यह ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री तक प्रेषित करने का अनुरोध किया। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन लोकतांत्रिक और न्यायोचित मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान शिवम तिवारी, चंचल मिश्रा, कन्हैया शुक्ला और दीपक अग्निहोत्री सहित समाज के अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
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