हरदोई में दुष्कर्म और पॉक्सो के दोषी को 7 साल की कठोर कैद, कोर्ट ने लगाया 20 हजार का जुर्माना
हरदोई में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी अवधेश को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मिली सफलता।
हरदोई। जनपद में महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों पर कड़ा प्रहार करते हुए विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने दुष्कर्म के एक संवेदनशील मामले में अंतिम फैसला सुनाया है। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद ठोस साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त अवधेश पुत्र शिवराम, निवासी ग्राम पीलापुर थाना बेहटा गोकुल को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश ने दोषी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा भुगतने के साथ ही बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
निर्धारित अर्थदंड की अदायगी न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। यह पूरा मामला थाना बेहटा गोकुल क्षेत्र से संबंधित है, जहां पीड़िता के साथ घटित इस जघन्य वारदात को लेकर भारतीय दंड विधान की धारा 376 और पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस महानिदेशक द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के लिए संचालित 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले को प्राथमिकता पर लिया।
तत्कालीन विवेचक एवं हरपालपुर की तत्कालीन क्षेत्राधिकारी प्रीति सिंह ने घटना से जुड़े वैज्ञानिक, फॉरेंसिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को संकलित करते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना पूर्ण की और न्यायालय में मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में चली विचारण प्रक्रिया के दौरान अभियोजन अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने पीड़िता का पक्ष पूरी मजबूती से रखा और प्रभावी पैरवी की। वहीं बेहटा गोकुल थाने के पैरोकार अर्जुन सिंह ने साक्षियों को समय पर न्यायालय में प्रस्तुत कराकर गवाही की प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संपन्न कराया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत अकाट्य साक्ष्यों और प्रभावी दलीलों के चलते अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा का फैसला सुनाया। पुलिस और अभियोजन की इस संयुक्त तत्परता से पीड़िता को न्याय मिला है, जिसकी जिले भर में सराहना की जा रही है।
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