हरदोई में दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष का कठोर कारावास: अदालत ने लगाया 30 हजार रुपये का जुर्माना, ऑपरेशन कन्विक्शन से मिली सफलता
हरदोई में एडीजे एफटीसी अदालत ने दुष्कर्म के दोषी इमरान को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई कार्रवाई।
हरदोई। जनपद में महिलाओं से संबंधित जघन्य अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय महिला प्रकोष्ठ) ने दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने पत्रावली पर प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त इमरान पुत्र सफी अहमद, निवासी ग्राम दहेलिया थाना पिहानी को दोष सिद्ध पाया है। अदालत ने दोषी को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ही तीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह मामला थाना पिहानी क्षेत्र से संबंधित है, जहां पीड़िता के साथ घटित मारपीट, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने की घटना को लेकर भारतीय दंड विधान की धारा 323, 376 और 506 के तहत प्राथमिकी पंजीकृत की गई थी। पुलिस महानिदेशक द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने हेतु संचालित 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के दृष्टिगत पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस वाद को प्राथमिकता पर रखा। तत्कालीन वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश्वर त्रिपाठी ने मामले में वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाते हुए निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय में चली विचारण प्रक्रिया के दौरान अभियोजन अधिकारी सत्यम तिवारी ने पीड़िता का पक्ष अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया और गवाहों के बयानों को मजबूती से दर्ज कराया। इसके साथ ही थाना पिहानी के पैरोकार आरक्षी दीपक ने न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्षियों को समय से अदालत में प्रस्तुत कराने में सराहनीय भूमिका निभाई। अभियोजन पक्ष की सुदृढ़ पैरवी और पुख्ता दलीलों को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त को कठोर दंड से दंडित किया। इस त्वरित विधिक कार्रवाई से पीड़िता को न्याय मिला है।
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