Hardoi : ग्रामीण पत्रकारिता के जनक बाबू बालेश्वर लाल को दी गई श्रद्धांजलि, पत्रकारों ने लिया जनहित की आवाज उठाने का संकल्प

सभा को संबोधित करते हुए ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन संडीला के तहसील अध्यक्ष मुकेश सिंह ने कहा कि बाबू बालेश्वर लाल ने उस कठिन दौर में ग्रामीण पत्रकारिता की नींव को मजबूत किया था, जब ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को मुख्य खबरों में कोई स्थान नहीं मिल

May 27, 2026 - 21:31
253 Views
Hardoi : ग्रामीण पत्रकारिता के जनक बाबू बालेश्वर लाल को दी गई श्रद्धांजलि, पत्रकारों ने लिया जनहित की आवाज उठाने का संकल्प
Hardoi : ग्रामीण पत्रकारिता के जनक बाबू बालेश्वर लाल को दी गई श्रद्धांजलि, पत्रकारों ने लिया जनहित की आवाज उठाने का संकल्प

रिपोर्ट : मुकेश सिंह सोमवंशी

ग्रामीण क्षेत्रों की पत्रकारिता को एक नई पहचान दिलाने वाले और गांव, गरीब व पीड़ितों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाले अग्रदूत स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल की पुण्यतिथि पर प्रेस क्लब संडीला में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी पत्रकारों और पदाधिकारियों ने उनके चित्र पर फूल मालाएं चढ़ाकर उन्हें नमन किया और उनके कड़े संघर्षों को याद किया। इस विशेष दिन को ग्रामीण पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया गया।

सभा को संबोधित करते हुए ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन संडीला के तहसील अध्यक्ष मुकेश सिंह ने कहा कि बाबू बालेश्वर लाल ने उस कठिन दौर में ग्रामीण पत्रकारिता की नींव को मजबूत किया था, जब ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को मुख्य खबरों में कोई स्थान नहीं मिलता था। उन्होंने हमेशा पत्रकारों को समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति की आवाज बनने के लिए प्रेरित किया।

इसी वजह से उनकी पुण्यतिथि को हर साल ग्रामीण पत्रकारिता दिवस के रूप में याद किया जाता है। कार्यक्रम के संरक्षक राजेश गुप्ता ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज के समय में ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों को काम करने में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनका संगठन पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और हकों की लड़ाई हमेशा लड़ता रहेगा। अन्य वक्ताओं ने भी कहा कि बाबू बालेश्वर लाल ने ग्रामीण पत्रकारों को एक सूत्र में बांधकर एक ऐसा मजबूत मंच दिया, जिसने देश के गांवों की वास्तविक खबरों को मुख्यधारा में लाकर खड़ा किया।

वरिष्ठ पत्रकार एसबी सिंह सेंगर ने कहा कि बाबू बालेश्वर लाल ने ग्रामीण पत्रकारों के हक के लिए जो सपना देखा था, वह आज एक बड़े संगठन के रूप में पूरे देश में दिखाई दे रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पत्रकारिता सिर्फ आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी जवाबदेही है और बाबू जी ने अपने पूरे जीवन में इसे सच करके दिखाया। सभा में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं, किसानों के दर्द और पीड़ितों की आवाज को उठाने वाले पत्रकारों को काफी संघर्ष करना पड़ता है।

ऐसे मुश्किल दौर में बाबू बालेश्वर लाल के विचार और उनके आदर्श नई पीढ़ी के युवा पत्रकारों के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक का काम करेंगे। कार्यक्रम के आखिरी में सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर संगठन को और ज्यादा शक्तिशाली बनाने तथा ग्रामीण समाज की समस्याओं को पूरी निष्पक्षता से उठाने का संकल्प लिया। इस मौके पर कोषाध्यक्ष प्रियदर्शी गुप्ता, सूरज गुप्ता, अंसार अंसारी, नगर अध्यक्ष डॉक्टर जाहिद अली अंसारी, करुणेंद्र तिवारी, ओम प्रकाश राठौर, अजय बाजपेई, विवेक राठौर और अनुराग सिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय पत्रकार मौजूद रहे।

Also Click : Gonda : गोंडा के युवा वैज्ञानिक ने वैश्विक मंच पर बनाई पहचान, दुनिया के शीर्ष पांच प्रतिशत वैज्ञानिकों में हुए शामिल

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow