हाथरस में तेजाब पीड़िता महिलाओं को मिलेगा नया जीवन: मानव कल्याण संस्था के आश्रम में मिलेंगी छत और रोजगार

हाथरस के चिंतापुर में निर्माणाधीन आश्रम में तेजाब हमले की शिकार बेसहारा महिलाओं को मिलेगा आश्रय। केबीसी से प्रेरित होकर राजीव वार्ष्णेय ने लिया बड़ा संकल्प।

By INA News Desk
Sep 17, 2026 - 23:32
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हाथरस में तेजाब पीड़िता महिलाओं को मिलेगा नया जीवन: मानव कल्याण संस्था के आश्रम में मिलेंगी छत और रोजगार

हाथरस। तेजाब हमले की विभीषिका झेलने वाली और उपेक्षा की शिकार असहाय महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए मानव कल्याण सामाजिक संस्था ने एक अभूतपूर्व और मानवीय पहल की है। जनपद के ग्राम चिंतापुर में संस्था के तत्वावधान में निर्माणाधीन आधुनिक वृद्धाश्रम एवं अनाथालय परिसर में अब ऐसी पीड़िता महिलाओं के लिए भी दरवाजे पूरी तरह खोल दिए गए हैं, जिनका समाज या परिवार में कोई सहारा नहीं बचा है। संस्था द्वारा उन्हें सुरक्षित आवास, पोषण, पारिवारिक माहौल और आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

संस्था के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय ने इस कल्याणकारी निर्णय की पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि लोकप्रिय टेलीविजन कार्यक्रम 'कौन बनेगा करोड़पति' में तेजाब हमले का दंश झेलने वाली पीड़िता कमला की व्यथा और संघर्ष की दास्तान सुनकर उनका मन अत्यंत व्यथित हो उठा। कार्यक्रम के दौरान पीड़िता ने बताया कि किस तरह इस जघन्य अपराध के बाद एक महिला को न केवल असहनीय शारीरिक यातना से गुजरना पड़ता है, बल्कि समाज के एक बड़े हिस्से की बेरुखी और तिरस्कार का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं को केवल खोखली सहानुभूति की नहीं, बल्कि सिर छुपाने के लिए एक सुरक्षित छत, सम्मान और आत्मीयता से भरे परिवार की आवश्यकता होती है। इसी भावना से प्रेरित होकर आश्रम के नवनिर्मित परिसर में तेजाब हमले की शिकार निराश्रित महिलाओं को स्थायी आश्रय देने का संकल्प लिया गया है।

संस्था के मुख्य संरक्षक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश बल्लभ ने इस सामाजिक निर्णय का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि आश्रम का मूल ध्येय बेसहारा वृद्धजनों और अनाथ बच्चों को पारिवारिक स्नेह देना है, और अब इसमें तेजाब की शिकार पीड़ित महिलाओं को जोड़ना सेवा के दायरे को और अधिक व्यापक बनाएगा। महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष प्रगति वार्ष्णेय तथा जिला कोषाध्यक्ष वर्षा वार्ष्णेय ने कहा कि गंभीर शारीरिक और मानसिक आघात से जूझने वाली महिलाओं को सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए विशेष संवेदनशीलता और मनोवैज्ञानिक देखभाल की आवश्यकता होती है, जिसका आश्रम में पूरा ध्यान रखा जाएगा।

संगठन के जिलाध्यक्ष नारायण लाल, जिला महामंत्री कन्हैया वार्ष्णेय और जिला कोषाध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि आश्रम परिसर में लघु कुटीर उद्योगों की इकाइयां भी स्थापित की जा रही हैं। इन इकाइयों के जरिए पीड़ित महिलाओं को हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई और अन्य व्यावसायिक विधाओं का प्रशिक्षण देकर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जाएगा, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। युवा और नगर इकाई के कार्यकर्ताओं ने भी इस संकल्प को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय सहभागिता का आश्वासन दिया है। संस्था के पदाधिकारियों ने प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों से इस पुनीत सेवा अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है।

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