हाथरस विकास भवन में लिफ्ट लगाने की मांग: दिव्यांगों और बुजुर्गों की परेशानी पर राज्य सलाहकार बोर्ड सदस्य ने शासन को भेजा पत्र
हाथरस विकास भवन में लिफ्ट लगाने के लिए राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड सदस्य सागर शर्मा ने पत्र भेजा। तीन मंजिला इमारत में सीढ़ियों से हो रही भारी परेशानी।
हाथरस स्थित विकास भवन की तीन मंजिला इमारत में विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यालय संचालित हो रहे हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऊपरी तलों पर स्थित दफ्तरों तक जाने के लिए केवल सीढ़ियों का विकल्प होने से दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्य सागर शर्मा ने शासन और जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर भवन में अविलंब लिफ्ट लगाने की मांग उठाई है।
सागर शर्मा ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव एवं निदेशक के साथ ही जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।
पत्र में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए बताया गया है कि सभी सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य है। विकास भवन जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र में लिफ्ट की सुविधा न होने के कारण जरूरतमंद लोगों को अपने कार्यों के लिए संबंधित पटल तक पहुंचने में काफी श्रम और परेशानी झेलनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आम नागरिकों के साथ दिव्यांग और बुजुर्ग भी इन दफ्तरों में आते हैं। ऐसे में सुगम आवागमन के साधन न होना समान अवसर और सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास भवन में शीघ्र आधुनिक लिफ्ट लगवाई जाए, ताकि सभी के लिए सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
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