जमुई छेड़छाड़ कांड पर मंत्री श्रवण कुमार की दो टूक: 'घटना दुखद, लेकिन यह छिटपुट मामला; दोषियों को किसी हाल में नहीं बख्शेंगे'
जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले पर बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घटना को दुखद व छिटपुट बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिया।
पटना/जमुई। बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ और नाबालिग छात्र के साथ मारपीट के संवेदनशील मामले को लेकर राज्य सरकार ने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट किया है। बिहार सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ग्रामीण विकास एवं सूचना व जनसंपर्क विभाग श्रवण कुमार ने पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने इस वारदात को एक 'छिटपुट मामला' करार दिया, लेकिन साथ ही कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि राज्य में कानून के राज से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज और सरकार दोनों के लिए अत्यंत दुखद और पीड़ादायक होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। सरकार पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच करा रही है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जांच में कोई ढिलाई न बरती जाए।
'पूरी दुनिया अपराध मुक्त नहीं, पर सरकार की पैनी नजर'
पत्रकारों के तीखे सवालों का जवाब देते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने व्यावहारिक सामाजिक स्थिति का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी समाज पूरी तरह से अपराध-मुक्त नहीं हो सकता; कभी-कभार ऐसी अवांछित और अनहोनी घटनाएं सामने आ जाती हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार की सतर्कता और जवाबदेही इस बात से तय होती है कि घटना के बाद प्रशासन का रुख क्या है।
मंत्री ने कहा, "दुनिया में अपराध पूरी तरह समाप्त होना बेहद कठिन है और कभी-कभी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शासन मूकदर्शक बना रहेगा। बिहार सरकार की पैनी नजर हर एक गतिविधि और हर एक मामले पर है। हमारी सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ तुरंत एक्शन मोड में आती है और कानून सम्मत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करती है।"
डीएम-एसपी से सीधे संवाद और पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने घोषणा की कि वे व्यक्तिगत स्तर पर इस पूरे प्रकरण की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया से बातचीत पूरी करने के तुरंत बाद वे जमुई के जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से फोन पर सीधा संपर्क साधेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने की बात कही कि जांच में किसी भी तरह का पक्षपात या राजनीतिक दबाव आड़े नहीं आना चाहिए। इसके साथ ही मंत्री ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा और संबल को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि छात्रा और उसके परिजनों को हर आवश्यक विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी ताकि वे बिना किसी भय के अपनी बात रख सकें।
'पहले भी कड़ा संदेश दिया गया, अपराधी बच नहीं सकते'
विपक्ष द्वारा कानून-व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों का परोक्ष रूप से उत्तर देते हुए मंत्री ने अतीत के उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में 'क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म' पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है।
उन्होंने दोहराया कि पूर्व में भी महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में स्पीडी ट्रायल और सख्त अदालती पैरवी के जरिए अभियुक्तों को सजा दिलाकर कड़ा संदेश दिया गया है। जमुई के मामले में भी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्धों को तत्काल प्रभाव से हिरासत में लिया है। कानून अपनी गति से और पूरी दृढ़ता के साथ काम कर रहा है; जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ ऐसी मिसाली कार्रवाई की जाएगी जिससे अन्य असामाजिक तत्वों में कानून का डर कायम हो।
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