कर्नाटक सरकार ने ग्रामीण पत्रकारों को सरकारी बसों में दी मुफ्त यात्रा की सुविधा, जारी हुआ आदेश
बेंगलुरु के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुख्य कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों ने बातचीत के दौरान इस सरकारी फैसले की पुष्टि की। अधिकारियों ने बताया कि बेंगलुरु सहित पूरे कर्नाटक राज्य में पत्रकारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार ने "मीडिया संजीविनी"
बेंगलुरु : कर्नाटक में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की कोशिशों को बड़ी सफलता मिली है। कर्नाटक सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों को उनके संबंधित जिले की सीमा के भीतर राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा देने का फैसला किया है। इस संबंध में सरकार द्वारा आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष अतुल कपूर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक मुफ्त यात्रा की यह सुविधा सिर्फ मान्यता प्राप्त पत्रकारों को ही मिल रही थी। ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले ज्यादातर अंशकालिक संवाददाताओं और समाचार पत्र के प्रतिनिधियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बेंगलुरु के प्रेस क्लब में आयोजित एसोसिएशन के कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्ता ने शहरी और ग्रामीण पत्रकारों के बीच भेदभाव खत्म कर सभी को समान सुविधाएं देने की मांग प्रमुखता से उठाई थी।
बेंगलुरु के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुख्य कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों ने बातचीत के दौरान इस सरकारी फैसले की पुष्टि की। अधिकारियों ने बताया कि बेंगलुरु सहित पूरे कर्नाटक राज्य में पत्रकारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार ने "मीडिया संजीविनी" योजना शुरू की है, जिसके तहत मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके परिवार के सदस्यों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है। इस योजना में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पांच लाख रुपए तक की आर्थिक मदद दी जाती है। मुलाकात के दौरान अतुल कपूर ने सूचना अधिकारी पवित्रा को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के नूरपुर (बिजनौर) में हुए प्रांतीय पत्रकार सम्मेलन की स्मारिका 'ग्राम गौरव' भेंट की। इसके अलावा यह स्मारिका वरिष्ठ पत्रकार निहाल किदवई को भी दी गई। सूचना अधिकारी ने बताया कि पत्रकार कल्याण निधि के माध्यम से किसी हादसे, गंभीर बीमारी, स्थायी विकलांगता या पत्रकार की मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। सूचना अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन द्वारा आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग पूरा सहयोग करेगा।
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