दिल्ली में मध्यरात्रि ड्राइविंग के दौरान पत्रकार महिला का पीछा कर कार पर हमला किया, पुलिस ने सीसीटीवी से दो आरोपी गिरफ्तार किए।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक और चिंताजनक घटना सामने आई है। नोएडा से वसंत कुंज लौट रही एक 35 वर्षीय महिला पत्रकार पर मध्यरात्रि
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक और चिंताजनक घटना सामने आई है। नोएडा से वसंत कुंज लौट रही एक 35 वर्षीय महिला पत्रकार पर मध्यरात्रि में दो युवकों ने स्कूटर पर सवार होकर पीछा किया और उसकी कार पर हमला कर दिया। यह हादसा 30-31 अक्टूबर 2025 की रात करीब 12:45 बजे महामाया फ्लाईओवर पर शुरू हुआ। आरोपी, जो कथित तौर पर नशे में धुत थे, ने महिला के ओवरटेक करने पर गुस्सा दिखाया और उसके बाद लगातार पीछा किया। डीएनडी फ्लाईओवर पर पहुंचते ही उन्होंने लाठी से कार का पिछला विंडशील्ड तोड़ दिया और यात्री साइड की खिड़की पर हमला करने की कोशिश की। महिला ने हिम्मत दिखाते हुए गाड़ी नहीं रोकी और अश्रम फ्लाईओवर तक पहुंची जहां उसने पुलिस को फोन किया। दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। मामला रोड रेज और स्टॉकिंग का लग रहा है, जिसके तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह घटना महिलाओं की रात्रि यात्रा की असुरक्षा को उजागर कर रही है।
घटना की शुरुआत नोएडा के सेक्टर 129 स्थित एक निजी न्यूज चैनल के ऑफिस से हुई। पीड़िता, जो चैनल में प्रोड्यूसर के रूप में काम करती है, देर रात शिफ्ट खत्म कर अपनी कार से वसंत कुंज स्थित घर के लिए निकली। महामाया फ्लाईओवर पर दो युवक स्कूटर पर सवार थे। महिला ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक किया तो वे भड़क गए। उन्होंने तुरंत पीछा शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि वे लगातार हॉर्न बजा रहे थे और गाली-गलौज कर रहे थे। डीएनडी फ्लाईओवर पर पहुंचते ही आरोपी ने महिला की कार को ब्लॉक करने की कोशिश की। जब वह नहीं रुकी तो एक आरोपी ने लाठी निकाली और कार के बाएं साइड की खिड़की पर वार किया। चूंकि ड्राइवर साइड पर एक अन्य कार थी, इसलिए वे सीधा हमला नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने पिछला विंडशील्ड तोड़ दिया। कांच के टुकड़े उड़ गए और पीड़िता घबरा गई। लेकिन उसने हिम्मत रखी और स्पीड बढ़ा दी। आरोपी लगातार पीछा करते रहे। पीड़िता ने कहा कि वे कार में घुसने की कोशिश भी कर रहे थे।
अश्रम फ्लाईओवर पर पहुंचते ही पीड़िता ने इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल किया और अपनी लोकेशन शेयर की। वहां कुछ कैब ड्राइवरों ने उसकी हालत देखी तो मदद की। उन्होंने कहा कि कार को साइड पर रोक लो, हम संभाल लेंगे। पीड़िता ने कार पार्क की और कैब ड्राइवरों के बीच खड़ी हो गई। आरोपी डरकर भाग निकले। कुछ ही मिनटों में पीसीआर वैन मौके पर पहुंची। पुलिस ने पीड़िता का बयान लिया और उसे सुरक्षित घर पहुंचाया। सुबह होते ही साउथ ईस्ट दिल्ली जिले की पुलिस ने जांच शुरू की। डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से रूट ट्रेस किया गया। महामाया फ्लाईओवर, डीएनडी और अश्रम के कैमरों में आरोपी साफ दिखे। कुछ घंटों में दोनों को दबोच लिया गया। आरोपी शुभम और दीपक, दोनों 25 वर्ष के हैं और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के दाबरी गांव के निवासी हैं। वे एक बार में बैर्टेंडर का काम करते हैं। उनके खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि नशे में थे और ओवरटेक पर गुस्सा आ गया। पुलिस ने उन्हें स्टॉकिंग, गलत तरीके से रोकने, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और साझा इरादे के आरोप में गिरफ्तार किया।
पीड़िता ने बताया कि पूरी घटना 45 मिनट चली। वह डर गई थी लेकिन रुकने का साहस नहीं हुआ। उसने कहा कि रास्ते में कोई मदद नहीं मिली। लोग देखते रहे लेकिन रुके नहीं। कैब ड्राइवरों का धन्यवाद किया जिन्होंने साहस दिखाया। पुलिस ने कहा कि यह रोड रेज का केस लग रहा लेकिन अन्य कोण भी जांचे जा रहे। आरोपी के स्कूटर की रजिस्ट्रेशन से लोकेशन ट्रेस हुई। उनके फोन से भी सुराग मिले। डीसीपी तिवारी ने कहा कि पीसीआर यूनिट की त्वरित कार्रवाई, फील्ड कोऑर्डिनेशन और जांच से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि संदिग्ध गतिविधि पर 112 डायल करें। मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्ज है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले महीने ही एक समान घटना में नोएडा में एक महिला डॉक्टर पर स्कूटर सवारों ने हमला किया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि रात्रि में सड़कों पर लाइटिंग और पेट्रोलिंग बढ़ानी चाहिए। नोएडा और दिल्ली पुलिस का समन्वय अच्छा रहा लेकिन रोकथाम के उपाय कमजोर हैं। पीड़िता ने कहा कि वह अब रात को अकेले नहीं निकलेगी। उसके चैनल के सहकर्मियों ने समर्थन दिया। चैनल ने बयान जारी कर कहा कि कर्मचारी की सुरक्षा प्राथमिकता है। पुलिस ने जांच पूरी होने पर रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी। आरोपी के बैकग्राउंड से पता चला कि वे शराब के आदी हैं। उनके परिवार ने कहा कि वे सुधार करेंगे।
यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया। कई यूजर्स ने पुलिस की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा कि सीसीटीवी ने जान बचाई। दूसरे ने कहा कि महिलाओं के लिए रात्रि कर्फ्यू लगे। पत्रकार संगठनों ने बयान दिया कि मीडिया कर्मियों की सुरक्षा जरूरी। दिल्ली महिला आयोग ने संज्ञान लिया। उन्होंने पीड़िता से बात की और सहायता का आश्वासन दिया। दिल्ली सरकार ने कहा कि सड़कों पर गश्त बढ़ाई जाएगी। नोएडा अथॉरिटी ने भी बॉर्डर पर चेकिंग सख्त की। विशेषज्ञों का कहना है कि रोड रेज रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। स्कूलों में ट्रैफिक नियम सिखाएं।
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