वक्फ बिल के सपोर्ट में आईं JDU और TDP, ओवैसी ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल फाड़ा:कहा- इसका मकसद मुसलमानों को जलील करना

असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में बिल की कॉपी को फाड़ने की बात कही। ओवैसी ने कहा, "गांधी जी के सामने जब एक ऐसा कानून लाया गया ,जो उनको कबूल नहीं था तो उन्होंने कहा मैं उसे कानून को मानता नहीं हूं, उसको फाड़ता हूं तो मैं भी गां...

Apr 3, 2025 - 00:02
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वक्फ बिल के सपोर्ट में आईं JDU और TDP, ओवैसी ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल फाड़ा:कहा- इसका मकसद मुसलमानों को जलील करना

By INA News.

Waqf Amendment Bill Update.

लोकसभा में वक्फ (Waqf) संशोधन विधेयक 2024 पेश हो गया है। कांग्रेस ने इस दौरान जमकर हंगामा किया। गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पेश करते हुए जवाब दिया। सरकार जहां विधेयक को मुस्लिमों के हित में एक सुधारात्मक कदम बता रही तो वहीं विपक्ष पुरजोर विरोध में उतरा है। विपक्षी दलों का कहना है कि विधेयक संविधान का उल्लघंन है और धार्मिक आजादी के खिलाफ है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि वक्फ (Waqf) संशोधन विधेयक मुसलमानों को हाशिए पर धकेलने और उनके निजी कानूनों और संपत्ति के अधिकारों को हड़पने के उद्देश्य से बनाया गया एक हथियार है। बिल को केंद्र की सरकार में शामिल TDP, JDU और LJP ने समर्थन दिया। केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू चर्चा का जवाब दे रहे हैं। उनके भाषण के बाद वोटिंग होगी।

चर्चा के दौरान AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ (Waqf) बिल को फाड़ता हूं। बिल फाड़ने के बाद ओवैसी संसद की कार्यवाही छोड़कर चले गए। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को वक्फ (Waqf) संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पेश किया। किरण रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ (Waqf) मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हम कई सवालों का जवाब दे चुके हैं। चर्चा के लिए सदस्यों का आभार। बिल पर सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी बातें रखी। हर जमीन देश का है। इसको आप इस्लाम या मुसलमान के खिलाफ कैसे बता सकते हैं।" वक्फ (Waqf) बिल को लेकर बनी जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने जेपीसी की सभी मांगें मान लीं। उन्होंने कहा, "सरकार के पास बहुमत है। बिल सीधे भी पास कराया जा सकता था, लेकिन सरकार की ऐसी मंशा नहीं थी। उन्होंने कहा कि वक्फ (Waqf) ने संविधान का उल्लंघन किया।" ओवैसी के बिल फाड़ने पर जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि उन्होंने ऐसा करके असंवैधानिक काम किया है। उन्होंने पूछा कि वक्फ (Waqf) संशोधन बिल असंवैधानिक कैसे हो गया? 

असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में बिल की कॉपी को फाड़ने की बात कही। ओवैसी ने कहा, "गांधी जी के सामने जब एक ऐसा कानून लाया गया ,जो उनको कबूल नहीं था तो उन्होंने कहा मैं उसे कानून को मानता नहीं हूं, उसको फाड़ता हूं तो मैं भी गांधी जी की तरह इस कानून को फाड़ता हूं, इसके बाद दो पन्नों के बीच जिसमें स्टेपर लगा हुआ था वह अलग-अलग कर दिए।"

असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में वक्फ (Waqf) बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह बिल अनुच्छेद 25, 26 का उल्लंघन है। वक्फ (Waqf) बिल मुस्लिमों के साथ अन्याय है। इसका मकसद मुसलमानों को जलील करना और मैं गांधी की तरह वक्फ (Waqf) बिल को फाड़ता हूं। ये असंवैधानिक है। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में जदयू, तेदेपा एवं लोजपा (आर) समेत राजग के समस्त सहयोगी दल पूरी तरह एकजुट दिखे, जबकि विपक्षी दलों के स्वर थोड़े बदले-बदले से थे।वक्फ (Waqf) संपत्तियों के प्रबंधन में भारी गड़बड़ी का ब्योरा देते हुए शाह ने साफ कर दिया कि अब यह चोरी नहीं चलेगी। शाह ने बताया कि 2013 के वक्फ (Waqf) कानूनों को अति कठोर बनाने का किस तरह से दुरुपयोग किया गया। यदि तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने 2013 में वक्फ (Waqf) कानूनों को अति कठोर नहीं बनाया होता, तो आज संशोधन लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

लालू यादव ने ही उस समय कहा था कि सरकार जो ये संशोधन विधेयक पेश किया है, सरकार की पहल का हम स्वागत करते हैं, शाहनवाज हुसैन और माननीय सदस्यों ने जो अपनी बातों को यहां रखा है मैं उसका समर्थन करता हूं। लेकिन ये देखिए कि सारी जमीनें हड़प ली गई हैं, चाहे सरकारी हो या गैर सरकारी। वक्फ (Waqf) बोर्ड में जो काम करने वाले लोग हैं उनके द्वारा सारी प्राइम लैंड को बेच दिया गया है। पटना में ही डाकबंगले की जितनी प्रॉपर्टी थी, सभी पर अपार्टमेंट बन गए, काफी लूट खसोट हुई है। इसलिए मैं चाहता हूं कि भविष्य में आप कड़ा कानून लाइए और चोरी करने वाले लोगों को सलाखों के पीछे भेजिए। लालू जी की इच्छा तो इन्होंने (कांग्रेस) पूरी नहीं की, लेकिन मोदी जी ने पूरी कर दी।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "सरकार कह रही है कि बच्चियों की फ्रिक्र है। इतनी मोहब्बत आप बिलकिस बानो से दिखा देते तो वो आपको दुआएं देती।" कहा, "आज देश में तानाशाही चल रही है। सरकार मुस्लिमों में जो खराब लोग हैं, उनके लिए रास्ता बना रही है कि तुम्हें वक्फ (Waqf) से बचना है तो तुम ट्रस्ट बना लो।" ये बिल अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। बीजेपी ये ज्ञान दे रही है कि कुछ-कुछ नहीं होगा। मदरसों के निशाना बनाया जा रहा है। आखिर आपको मुसलमान शब्द से इतनी नफरत क्यों है? असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "वक्फ (Waqf) बिल मुस्लिमों के साथ अन्याय है। यह बिल संविधान के खिलाफ है। आप मुसलमान से waqf by user छीन रहे हैं। ये जो कानून बन रहा है उसका सोर्स आर्टिकल 26 है।

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जब हिंदू, बौद्ध, जैन को इस बात की आजादी दी गई है तो फिर आप मुस्लिमों से ये कैसे छीन सकते हैं। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि वक्फ (Waqf) के पास 1।2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति है। ये संपत्तियां मिसमैनेजमेंट का शिकार हैं। हमारी पार्टी का ये मानना है कि इस संपत्ति का इस्तेमाल मुस्लिमों के कल्याण के लिए, महिलाओं के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। हमारा मानना है कि इसमें सुधार होना चाहिए। हम सबसे पहला दल थे जिसने जेपीसी की मांग की थी। उन्होंने कहा कि 97 लाख से अधिक कम्युनिकेशन हुए। रिवाइज्ड बिल 14 संशोधनों के साथ आया। हमारी पार्टी ने तीन सुझाव दिए थे और तीनों सुझाव माने गए हैं जो मुस्लिमों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। तेलुगु देशम पार्टी मुस्लिमों के कल्याण, उत्थान के लिए संकल्पित है।

हम सरकार से ये अपील करते हैं कि वक्फ (Waqf) बोर्ड का कम्पोजिशन तय करने के लिए राज्य सरकारों को छूट मिले और नियम बनाने की छूट मिले। हम वक्फ (Waqf) बिल का समर्थन करते हैं। वहीं जेडीयू सांसद और केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि ये नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये बिल मुसलमान विरोधी है। ये बिल कहीं से भी मुसलमान विरोधी नहीं है। वक्फ (Waqf) कोई मुस्लिम संस्था है क्या। वक्फ (Waqf) कोई धार्मिक संस्था नहीं, एक ट्रस्ट है जो मुसलमानों के कल्याण के लिए काम करता है। उस ट्रस्ट को ये अधिकार होना चाहिए कि वो सभी वर्गों के लोगों के साथ न्याय करे जो नहीं हो रहा है। ये विनियामक है और प्रशासनिक निकाय है जो मुसलमानों के हक के लिए काम करता है।

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