भारत का अभेद्य कवच: पाकिस्तान के निशाने पर थे भारत के 15 शहर, S-400 और HARPY ड्रोन ने ध्वस्त कीं पाकिस्तानी मिसाइलें, इंडियन आर्मी का तगड़ा काउंटर अटैक
भारत ने पाकिस्तान के हमलों का जवाब न केवल रक्षात्मक, बल्कि आक्रामक रणनीति के साथ दिया। भारतीय सेना ने इजरायल निर्मित HARPY ड्रोनों का उपयोग कर लाहौर में पाकिस्तान के HQ-9BE ...
नई दिल्ली/अमृतसर/लाहौर: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर दोनों देशों को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है। 7-8 मई की रात पाकिस्तान ने भारत के 15 शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायुसेना की S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ वायु रक्षा प्रणाली और एकीकृत काउंटर UAS ग्रिड ने इन हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने लाहौर में पाकिस्तान के HQ-9BE और FD-2000 वायु रक्षा तंत्रों को तबाह कर दिया, जिसमें इजरायल निर्मित HARPY ड्रोन की अहम भूमिका रही। इस सैन्य कार्रवाई ने भारत की रक्षा क्षमता को वैश्विक स्तर पर उजागर किया है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट के बीच 14 मई तक कोर्ट बंद हैं। आइए, इस खबर के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से नजर डालते हैं।
पाकिस्तान का हमला: निशाने पर 15 शहर
7 मई 2025 को भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, और हिजबुल मुजाहिदीन के नौ आतंकी ठिकानों पर राफेल जेट्स से स्कैल्प मिसाइलों और HAMMER प्रिसिजन बमों के साथ हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
जवाब में, पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात भारत के 15 शहरों—अवंतिपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई, और भुज—में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू किए। इन हमलों में चीनी तकनीक पर आधारित मिसाइलें और इजरायल निर्मित हार्पी ड्रोनों का उपयोग किया गया। भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों का मकसद भारत की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।
S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ का करिश्मा
भारत की S-400 वायु रक्षा प्रणाली, जिसे ‘सुदर्शन चक्र’ नाम दिया गया है, ने इन हमलों को नाकाम करने में अभूतपूर्व भूमिका निभाई। रूस निर्मित यह प्रणाली 600 किमी तक हवाई खतरों को ट्रैक कर सकती है और 400 किमी की दूरी पर बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोनों, और फाइटर जेट्स को नष्ट करने में सक्षम है। पंजाब के पठानकोट और राजस्थान में तैनात S-400 स्क्वाड्रनों ने अमृतसर, जम्मू, और अन्य क्षेत्रों में पाकिस्तानी मिसाइलों और ड्रोनों को बीच हवा में मार गिराया।
न्यूज़18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, S-400 ने अपनी पहली बड़ी परीक्षा में 100% सफलता हासिल की। अमृतसर के जेठूवाल और मखान विंडी गाँवों में पाकिस्तानी मिसाइलों का मलबा बरामद हुआ, जो हमले के सबूत के रूप में भारतीय सेना ने सुरक्षित किया। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमले भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा पूरी तरह नाकाम किए गए।”
X पर @kaankit ने पोस्ट किया, “एक अकेला! S-400 पाकिस्तानी-चीनी मिसाइलों पर भारी। भारत ने तबाह किया पाकिस्तान का डिफेंस सिस्टम।” यह पोस्ट सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुई।
HARPY ड्रोन से जवाबी हमला
भारत ने पाकिस्तान के हमलों का जवाब न केवल रक्षात्मक, बल्कि आक्रामक रणनीति के साथ दिया। भारतीय सेना ने इजरायल निर्मित HARPY ड्रोनों का उपयोग कर लाहौर में पाकिस्तान के HQ-9BE और FD-2000 वायु रक्षा तंत्रों को नष्ट कर दिया। HARPY ड्रोन, जिसे ‘लॉइटरिंग मुनिशन’ के रूप में जाना जाता है, दुश्मन के रडार और वायु रक्षा प्रणालियों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह ड्रोन हवा में लंबे समय तक मंडराने के बाद सटीक हमला करता है।
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना ने 8 मई की सुबह लाहौर सहित पाकिस्तान के कई स्थानों पर वायु रक्षा रडारों और प्रणालियों को निशाना बनाया। रक्षा मंत्रालय ने कहा, “आज सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में कई स्थानों पर वायु रक्षा रडारों और प्रणालियों को निशाना बनाया, जिसमें लाहौर का एक वायु रक्षा तंत्र पूरी तरह नष्ट हो गया।”
NDTV इंडिया ने ट्वीट किया, “पाकिस्तान को भारत का करारा जवाब, लाहौर और इस्लामाबाद पर कई मिसाइलें दागी।” हालांकि, इस्लामाबाद पर मिसाइल हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान के दावे और जवाबी आरोप
पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने भारत के 25 ड्रोनों को मार गिराया, जिनमें से एक लाहौर के वाल्टन हवाई अड्डे के पास और अन्य गुजरांवाला, चकवाल, बहावलपुर, कराची, और रावलपिंडी में नष्ट किए गए। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, “भारत के ड्रोन हमले एक गंभीर उकसावे की कार्रवाई हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में है।”
पाकिस्तान ने यह भी दावा किया कि उसने भारत के पाँच फाइटर जेट्स—तीन राफेल, एक मिग-29, और एक सु-30—को मार गिराया। हालांकि, भारत ने इन दावों को “दुष्प्रचार” करार देते हुए खारिज कर दिया। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने कहा, “सभी भारतीय पायलट सुरक्षित हैं, और पाकिस्तान के दावे पूरी तरह झूठे हैं।”
पंजाब और जम्मू-कश्मीर में स्थिति
पाकिस्तानी हमले के बाद पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी है। अमृतसर के सीमावर्ती गाँवों में रात 1 बजे के आसपास धमाकों की आवाजें सुनी गईं, और बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। स्थानीय लोगों ने आकाश में चमक देखी, जो S-400 द्वारा मिसाइलों को नष्ट करने का परिणाम थी। जम्मू के पूँछ और राजौरी में पाकिस्तानी सेना ने भारी मोर्टार और तोपखाने से गोलाबारी की, जिसमें 16 नागरिकों की मौत और 43 लोग घायल हुए।
पंजाब पुलिस ने सभी अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी हैं, और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारी सेना ने पाकिस्तान की हर साजिश को नाकाम किया है। पंजाब की जनता शांति बनाए रखे।” राजस्थान ने भी पाकिस्तान सीमा को सील कर दिया है, और बीकानेर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, और बाड़मेर में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
सुरक्षा कारणों से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सभी कोर्ट 14 मई तक बंद कर दिए गए हैं।
इस तनाव ने वैश्विक समुदाय का ध्यान खींचा है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने लाहौर वाणिज्य दूतावास में कर्मचारियों को शरण लेने का आदेश दिया। रूस, चीन, और तुर्की ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। चीन ने भारत के हमलों पर “खेद” जताया, जबकि पाकिस्तान ने चीनी निर्मित HQ-9BE और FD-2000 वायु रक्षा प्रणालियों का उपयोग करने की कोशिश की, जो भारतीय हमलों में नष्ट हो गईं।
अल जज़ीरा ने बताया कि पाकिस्तान ने 26 लोगों की मौत का दावा किया, जबकि भारत ने कहा कि उसके हमले “सटीक और आतंकी ठिकानों तक सीमित” थे।
विश्लेषण: भारत की रणनीतिक जीत
S-400 और HARPY ड्रोनों के उपयोग ने भारत की सैन्य रणनीति की ताकत को उजागर किया है। S-400 ने रक्षात्मक स्तर पर पाकिस्तानी हमलों को नाकाम किया, जबकि HARPY ड्रोनों ने आक्रामक स्तर पर पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर उसकी जवाबी क्षमता को कमजोर किया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह दोहरी रणनीति—रक्षा और आक्रमण—पाकिस्तान को सैन्य और मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर करने में सफल रही।
हालांकि, पाकिस्तान के दावों और सोशल मीडिया पर वायरल खबरों ने सूचना युद्ध को तेज कर दिया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गलत सूचनाएँ फैलाने का आरोप लगाया है। उदाहरण के लिए, पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत ने धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया, जबकि भारत ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उसके निशाने केवल आतंकी ठिकाने थे।
भारत की S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ और HARPY ड्रोनों ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम कर एक बार फिर भारत की रक्षा क्षमता को साबित किया है। लाहौर में पाकिस्तानी वायु रक्षा तंत्रों को नष्ट करने की कार्रवाई ने भारत की आक्रामक रणनीति को भी रेखांकित किया। हालांकि, क्षेत्र में तनाव बरकरार है, और पंजाब व जम्मू-कश्मीर में 14 मई तक कोर्ट बंद रहने से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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