पाकिस्तान की नापाक कोशिश नाकाम: स्वर्ण मंदिर पर मिसाइल हमले की साजिश, S-400 ने बचाया पवित्र स्थल

भारत की S-400 वायु रक्षा प्रणाली, जिसे ‘सुदर्शन चक्र’ नाम दिया गया है, ने इस घटना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह रूस निर्मित प्रणाली 600 किमी तक हवाई खतरों को ट्रैक कर सकती है और 400 ....

May 8, 2025 - 23:48
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पाकिस्तान की नापाक कोशिश नाकाम: स्वर्ण मंदिर पर मिसाइल हमले की साजिश, S-400 ने बचाया पवित्र स्थल

अमृतसर/नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव ने एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। 7-8 मई की रात पाकिस्तान ने सिख धर्म के पवित्रतम स्थल, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (श्री हरमंदिर साहिब) को निशाना बनाने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, पाकिस्तान ने स्वर्ण मंदिर पर मिसाइल और रॉकेट हमले की योजना बनाई थी, जिसे भारतीय वायुसेना की S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ वायु रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया। इस घटना ने न केवल भारत-पाकिस्तान संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सिख समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है। आइए, इस खबर के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से नजर डालते हैं।

पाकिस्तान का कथित हमला: क्या हुआ?

7 मई 2025 को भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। जवाबी कार्रवाई में, पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात भारत के 15 शहरों—जिनमें अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर, पठानकोट, और चंडीगढ़ शामिल थे—पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू किए।

सोशल मीडिया पर कई X पोस्ट्स में दावा किया गया कि इन हमलों का एक प्रमुख लक्ष्य अमृतसर का स्वर्ण मंदिर था। @Rohitjain2799 ने 8 मई को पोस्ट किया, “पिछली रात पाकिस्तान ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाकर दो मिसाइल फायर की थी लेकिन भारतीय फौज ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट करके दोनों को मार गिराया।” इसी तरह, @vikaskumarmodi ने लिखा, “भारत ने न केवल अमृतसर स्थित पवित्र स्वर्ण मंदिर को पाकिस्तानी मिसाइल से सफलतापूर्वक बचाया, बल्कि पाकिस्तान के लॉन्च पैड को नष्ट कर उस खतरे को भी समाप्त कर दिया।”

हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि भारत के रक्षा मंत्रालय या भारतीय वायुसेना द्वारा नहीं की गई है। न्यूज़18 और अन्य समाचार स्रोतों ने केवल इतना उल्लेख किया कि पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमले S-400 प्रणाली द्वारा नाकाम किए गए, और अमृतसर के जेठूवाल और मखान विंडी गाँवों में मिसाइलों का मलबा बरामद हुआ।

S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ की भूमिका

भारत की S-400 वायु रक्षा प्रणाली, जिसे ‘सुदर्शन चक्र’ नाम दिया गया है, ने इस घटना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह रूस निर्मित प्रणाली 600 किमी तक हवाई खतरों को ट्रैक कर सकती है और 400 किमी की दूरी पर मिसाइलों, ड्रोनों, और फाइटर जेट्स को नष्ट करने में सक्षम है। पंजाब में पठानकोट के पास तैनात S-400 स्क्वाड्रन ने अमृतसर के ऊपर मिसाइलों और ड्रोनों को बीच हवा में मार गिराया।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, S-400 की उन्नत रडार प्रणाली और त्वरित प्रतिक्रिया ने पाकिस्तान की मिसाइलों को स्वर्ण मंदिर तक पहुँचने से पहले ही नष्ट कर दिया। @manishgarg9999 ने X पर पोस्ट किया, “जो पाकिस्तान कल रात अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पर हमला करने की फिराक में था, आज भारत की सेना ने लाहौर में उसके एयर डिफेंस सिस्टम को नेस्तनाबूत कर दिया।” यह दावा न्यूज़18 की उस रिपोर्ट से मेल खाता है, जिसमें कहा गया कि भारत ने जवाबी कार्रवाई में लाहौर में पाकिस्तान के HQ-9 वायु रक्षा तंत्र को नष्ट किया।

स्वर्ण मंदिर का महत्व और आक्रोश

स्वर्ण मंदिर, जिसे श्री हरमंदिर साहिब भी कहा जाता है, सिख धर्म का सबसे पवित्र स्थल है। यह न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। 1604 में गुरु अर्जन देव द्वारा स्थापित, यह गुद्वारा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस पवित्र स्थल पर हमले की कोशिश ने सिख समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा किया है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) ने इस कथित हमले की कड़ी निंदा की और केंद्र सरकार से इसकी गहन जाँच की माँग की। SGPC के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा, “स्वर्ण मंदिर पर हमले की कोशिश सिखों की भावनाओं पर हमला है। यह न केवल भारत की संप्रभुता, बल्कि विश्व सिख समुदाय के सम्मान पर प्रहार है।”

पहले भी स्वर्ण मंदिर पर हमले

स्वर्ण मंदिर का इतिहास हमलों और पुनर्निर्माण की कहानियों से भरा है। 1762 में अफगान आक्रांता अहमद शाह दुर्रानी ने स्वर्ण मंदिर को बारूद से उड़ा दिया था, लेकिन सिखों ने इसे फिर से बनाया। 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना ने स्वर्ण मंदिर परिसर में प्रवेश किया, जिसके परिणामस्वरूप भारी नुकसान हुआ और सिख समुदाय में गहरी नाराजगी पैदा हुई।

हाल के वर्षों में भी स्वर्ण मंदिर के आसपास कई हमले हुए हैं। मई 2023 में, स्वर्ण मंदिर के पास हेरिटेज स्ट्रीट में तीन कम तीव्रता वाले विस्फोट हुए, जिनमें पाँच लोग घायल हुए। पंजाब पुलिस ने इसे आतंकी हमला मानने से इनकार किया, लेकिन पाँच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। मार्च 2025 में, खंडवाला क्षेत्र के थकुरद्वारा मंदिर में एक विस्फोट हुआ, जिसके लिए पुलिस ने पाकिस्तान की ISI से संबंध होने का संदेह जताया।

इन घटनाओं ने स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। @Yadav_Sanghi ने X पर दावा किया कि पाकिस्तान ने पहले पूँछ में एक गुरुद्वारे पर हमला किया, जिसमें चार सिख मारे गए, और अब स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, पूँछ हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और कोर्ट बंद

इस कथित हमले के बाद पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी है। अमृतसर के सीमावर्ती गाँवों में रात 1 बजे के आसपास धमाकों की आवाजें सुनी गईं, और बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। स्थानीय लोगों ने आकाश में चमक देखी, जो S-400 द्वारा मिसाइलों को नष्ट करने का परिणाम थी।

सुरक्षा कारणों से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सभी कोर्ट 14 मई तक बंद कर दिए गए हैं। पंजाब पुलिस ने सभी अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी हैं, और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पंजाब की शांति और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे।”

पाकिस्तान का दावा और जवाबी कार्रवाई

पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने भारत के 25 इजरायल निर्मित कामिकaze ड्रोनों को मार गिराया, जिनमें से कुछ लाहौर, गुजरांवाला, और कराची में नष्ट किए गए। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि भारत ने जानबूझकर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया। हालांकि, भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी कार्रवाइयाँ केवल आतंकी ठिकानों तक सीमित थीं।

भारत ने जवाबी कार्रवाई में लाहौर में पाकिस्तान के HQ-9BE और FD-2000 वायु रक्षा तंत्रों को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई भारतीय वायुसेना के राफेल जेट्स और HARPY ड्रोनों द्वारा की गई।

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