S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ ने पंजाब-जम्मू में रचा अभेद्य कवच: पाकिस्तान के मिसाइल और ड्रोन हमले नाकाम, 14 मई तक कोर्ट बंद
भारत ने इन हमलों का जवाब अपनी उन्नत S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ वायु रक्षा प्रणाली और एकीकृत काउंटर UAS ग्रिड के साथ दिया। रूस निर्मित S-400, जिसे भारतीय सेना ने ‘सुदर्शन चक्र.....
नई दिल्ली/जम्मू/अमृतसर: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय वायुसेना के S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ वायु रक्षा प्रणाली ने पंजाब और जम्मू-कश्मीर में अभेद्य कवच का निर्माण किया। 7-8 मई की रात पाकिस्तान द्वारा 15 भारतीय शहरों पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों को S-400 ने नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई में पाकिस्तान का लाहौर में स्थित एक वायु रक्षा तंत्र भी नष्ट किया गया। तनाव के चलते पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी है, और सुरक्षा कारणों से 14 मई तक सभी कोर्ट बंद रखने का फैसला लिया गया है।
पाकिस्तान का हमला और S-400 का जवाब
7-8 मई 2025 की रात, पाकिस्तान ने भारत के 15 शहरों—अवंतिपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज—में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू किए। इन हमलों में पाकिस्तान ने कथित तौर पर इजरायल निर्मित हार्पी ड्रोन और चीनी तकनीक पर आधारित मिसाइलों का उपयोग किया।
भारत ने इन हमलों का जवाब अपनी उन्नत S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ वायु रक्षा प्रणाली और एकीकृत काउंटर UAS ग्रिड के साथ दिया। रूस निर्मित S-400, जिसे भारतीय सेना ने ‘सुदर्शन चक्र’ नाम दिया है, 600 किमी तक हवाई खतरों को ट्रैक कर सकता है और 400 किमी की दूरी पर फाइटर जेट्स, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को नष्ट कर सकता है। इस प्रणाली ने पंजाब के अमृतसर और जम्मू के ऊपर कई ड्रोन और मिसाइलों को बीच हवा में मार गिराया। अमृतसर के जेठूवाल और मखान विंडी गाँवों में मिसाइल के मलबे मिले, जो पाकिस्तानी हमले के सबूत के रूप में बरामद किए गए।
रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमले भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा नाकाम किए गए। भारतीय सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई में लाहौर में पाकिस्तान के एक वायु रक्षा तंत्र को नष्ट कर दिया।” न्यूज़18 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने इस कार्रवाई में HARPY ड्रोन का उपयोग कर पाकिस्तान के वायु रक्षा रडार को निशाना बनाया।
S-400 की ताकत: भारत की रक्षा ढाल
S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ भारत की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों में से एक है। भारत के पास चार S-400 स्क्वाड्रन हैं, जिनमें से एक जम्मू-कश्मीर और पंजाब को पठानकोट से कवर करता है, जबकि दूसरा राजस्थान और गुजरात के प्रमुख क्षेत्रों की रक्षा करता है। यह प्रणाली एक साथ 80 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकती है और बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोनों और फाइटर जेट्स को नष्ट करने में सक्षम है।
पाकिस्तान ने अपने F-16 फाइटर जेट्स को भारत की S-400 प्रणाली के डर से ग्वादर में छिपा लिया और सीमा पर JF-17 जेट्स को तैनात किया। विशेषज्ञों का मानना है कि S-400 की 400 किमी की रेंज और उन्नत रडार प्रणाली ने पाकिस्तान की हवाई रणनीति को पूरी तरह से बेअसर कर दिया।
पंजाब और जम्मू में स्थिति
पाकिस्तानी हमले के बाद पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी है। अमृतसर के सीमावर्ती गाँवों में रात 1 बजे के आसपास जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। स्थानीय लोगों ने आकाश में रोशनी की चमक देखी, जो S-400 द्वारा मिसाइलों को नष्ट करने का परिणाम थी। जम्मू में भी रेलवे स्टेशन और पठानकोट एयरबेस के पास गोलीबारी की खबरें आईं।
पंजाब पुलिस ने सभी अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी हैं, और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए। राजस्थान ने भी पाकिस्तान सीमा को सील कर दिया है, और बीकानेर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर और बाड़मेर में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सभी कोर्ट 14 मई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय क्षेत्र में अस्थिरता और संभावित जवाबी हमलों के खतरे को देखते हुए लिया गया। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
पाकिस्तान का दावा और जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने भारत के 25 इजरायल निर्मित कामिकaze ड्रोनों को मार गिराया, जिनमें से एक लाहौर के वाल्टन हवाई अड्डे के पास और अन्य गुजरांवाला, चकवाल, बहावलपुर, कराची और रावलपिंडी जैसे शहरों में नष्ट किए गए। हालांकि, भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी कार्रवाइयाँ आतंकी ठिकानों और पाकिस्तानी वायु रक्षा तंत्रों तक सीमित थीं।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने संसद में कहा कि भारत के मिसाइल हमलों का जवाब “उचित समय पर” दिया जाएगा। पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया कि भारत ने जानबूझकर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया, जिसे भारत ने खारिज करते हुए कहा कि उसके निशाने केवल आतंकी ठिकाने थे।
यह तनाव 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारत ने इस हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया, जिनके ठिकाने पाकिस्तान और PoK में थे। जवाब में, भारत ने 7 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया, जिसमें राफेल जेट्स ने स्कैल्प मिसाइलों और HAMMER प्रिसिजन बमों के साथ नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया।
पाकिस्तान ने इन हमलों को “युद्ध की कार्रवाई” करार दिया और जवाबी हमले शुरू किए, जो S-400 और भारत की अन्य रक्षा प्रणालियों द्वारा नाकाम कर दिए गए।
इस तनाव ने वैश्विक समुदाय का ध्यान खींचा है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने लाहौर वाणिज्य दूतावास में कर्मचारियों को शरण लेने का आदेश दिया, जबकि रूस, चीन और तुर्की ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। चीन ने भारत के हमलों पर “खेद” जताया, जबकि पाकिस्तान ने चीनी निर्मित HQ-9BE और FD-2000 वायु रक्षा प्रणालियों का उपयोग कर भारतीय हमलों का जवाब देने की कोशिश की।
पंजाब और जम्मू-कश्मीर में नागरिकों में दहशत का माहौल है। अमृतसर के गाँवों में मलबे के कारण लोग रातभर डरे रहे, जबकि पंजाब के कुछ शहरों में आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी की खबरें आईं। जम्मू के पूँछ में एक गुरुद्वारे की बाहरी दीवार को मोर्टार शेल ने क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे स्थानीय समुदाय में आक्रोश है।
S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ ने पंजाब और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम कर भारत की रक्षा क्षमता को साबित किया है। ऑपरेशन सिंदूर और इसके बाद की जवाबी कार्रवाइयों ने पाकिस्तान की सैन्य रणनीति की कमजोरियों को उजागर किया है। हालांकि, क्षेत्र में तनाव बरकरार है, और 14 मई तक कोर्ट बंद रहने से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति पर अडिग है, और किसी भी आक्रामकता का जवाब उसी तीव्रता के साथ दिया जाएगा।
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