New Delhi: नए वक्फ कानून के समर्थन में रीना एन सिंह ने दाखिल की सुप्रीम कोर्ट में याचिका।
वक्फ कानून को असंवैधानिक बताकर रद्द करने के लिए असदुद्दीन ओवैसी सहित तमाम मुस्लिम पक्ष के द्वारा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जनहित...
नई दिल्ली। वक्फ कानून को असंवैधानिक बताकर रद्द करने के लिए असदुद्दीन ओवैसी सहित तमाम मुस्लिम पक्ष के द्वारा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जनहित याचिका दाखिल की गई है आज इस मसले पर सुनवाई हुई। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने वाली सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता कपिल सिब्बल और ओवैसी ने अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन बताकर इस कानून को रद्द करने की मांग की
रीना एन सिंह ने बताया कि मुस्लिम पक्ष वक्फ ट्रिब्यूनल में गैर मुस्लिम सदस्यों का विरोध कर रहा है रीना एन सिंह ने कहा कि जब वक्फ गैर मुस्लिम की जमीन या संपत्ति ले सकता है तो गैर मुस्लिम सदस्य शामिल किए जाने पर क्या आपत्ति हो सकती है। कौशल किशोर ठाकुर और रीना एन सिंह ने अपनी हस्तक्षेप याचिका में यूनियन ऑफ इंडिया के साथ अपने आप को संबद्ध करने की याचिका दाखिल है।
रीना एन सिंह ने अपनी याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14 में समानता के अधिकार का जिक्र किया है। ओवैसी की याचिका पर एएनआई और पीटीआई से बातचीत करते हुए रीना एन सिंह ने कहा कि जिस राजनीतिक दल के लोग यह कहते हो की 15 मिनट के लिए पुलिस हटा ली जाए तो हम बताएंगे कि उनकी ताकत क्या है ऐसे लोगों की याचिका तत्काल खारिज कर देनी चाहिए।
1995 के वक्फ एक्ट को बरकरार रखने की मुस्लिम पक्ष की मांग पर अभी सुनवाई जारी रहेगी इस मामले में हिंदू पक्ष की ओर से तुषार मेहता, विकास सिंह ,रीना एन सिंह व मुस्लिम पक्ष की ओर से कपिल सिब्बल, असदुद्दीन ओवैसी, अभिषेक मनु सिंघवी, राजीव धवन और केटीएस तुलसी कोर्ट में मौजूद थे। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट को यह टिप्पणी भी करनी पड़ी की एक समय में दिल्ली उच्च न्यायालय की जमीन को भी वक्फ की जमीन बता करके क्लेम किया गया था।
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