Lucknow : खाद्य एवं रसद विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, मंत्री द्वारा दिए गए आवष्यक दिशा निर्देश

मंत्री को अवगत कराया गया प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजनान्तर्गत आच्छादित लाभार्थियों को द्वितीय चरण के अन्तर्गत माह जनवरी, 2026 से मार्च, 2026 तक निःशुल्क सिलेण्डर रिफिल डिली

By INA News Desk
Mar 19, 2026 - 22:41
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Lucknow : खाद्य एवं रसद विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, मंत्री द्वारा दिए गए आवष्यक दिशा निर्देश
Lucknow : खाद्य एवं रसद विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, मंत्री द्वारा दिए गए आवष्यक दिशा निर्देश

सतीश चन्द्र शर्मा, राज्यमंत्री, खाद्य तथा रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, उ0प्र0 सरकार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्राविधानों के सुचारू क्रियान्वयन एवं विभागीय कार्यकरण की समीक्षा बैठक निदेशालय स्तरीय अधिकारियों के साथ सम्पन्न हुई। बैठक में रणवीर प्रसाद, प्रमुख सचिव/आयुक्त, अतुल सिंह विषेष सचिव/सम्भागीय खाद्य नियंत्रक, सत्यदेव, अपर आयुक्त (आपूर्ति), षषि भूषण तोमर वित्त नियंत्रक, अशोक कुमार पाल, सम्भागीय खाद्य नियंत्रक, (मुख्यालय) द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में मंत्री को अवगत कराया गया एल0पी0जी0 एवं डीजल/पेट्रोल की आपूर्ति के सम्बन्ध में जनपदवार समीक्षा की गयी। घरेलू एल0पी0जी0 गैस उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर रिफिल उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी जनपदों में घरेलू एल0पी0जी0 गैस/ डीजल/पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जनपदों में सुचारू रूप से फिलिंग स्टेशनों से डीजल/पेट्रोल की आपूर्ति की जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में किए गए रुपए 200 करोड़ के वित्तीय प्राविधान के परिप्रेक्ष्य में धनराशि का अंतरण जनपदों को कर दिया गया है। अधिकांश जनपदों में विभागीय बजट से बनाए जा रहे अन्नपूर्णा भवन लिंटर स्तर तक निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है।

मंत्री को अवगत कराया गया प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजनान्तर्गत आच्छादित लाभार्थियों को द्वितीय चरण के अन्तर्गत माह जनवरी, 2026 से मार्च, 2026 तक निःशुल्क सिलेण्डर रिफिल डिलीवरी कराए जाने का कार्य प्रगतिमान है। विवाहित महिलाओं के यूनिट स्थानान्तरण हेतु कुल 35,583 प्रकरण प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 25,503 पर कार्यवाही की जा चुकी है, शेष पर कार्यवाही प्रगतिमान है। ैैक्ळ के अन्तर्गत प्रदेश स्तर पर लंबित आवेदनों को नियमानुसार जाँच कर उनके राशनकार्ड निर्गत किए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर अब तक 92.36 प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी करायी जा चुकी है। माह जनवरी, 2026 में आवश्यक वस्तुओं के वितरण में अनियमितता के दृष्टिगत कुल 26 उचित दर विक्रेताओं पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी, 67 उचित दर विक्रेताओं के अनुबंध निलंबित तथा 162 उचित दर विक्रेताओं के अनुबंध पत्र निरस्त किए गए। शासन के पक्ष रुपए 12.07 लाख की प्रतिभूति की धनराशि जब्त की गयी।

विपणन शाखा के अंतर्गत मंत्री को अवगत कराया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत गेहॅू का समर्थन मूल्य रू0 2585 प्रति कुन्तल निर्धारित है, जो गतवर्ष से रू0 160 प्रतिकुन्तल अधिक है। गेहॅू की खरीद प्रस्तावित अवधि दिनंाक 25 मार्च, 2026 से 15 जून, 2026 तक विभिन्न क्रय एजेन्सियों के प्रस्तावित 5000 क्रय केन्द्रों के सापेक्ष अबतक 4990 क्रय केन्द्र अनुमोदित किये जा चुके है, इसके अतिरिक्त 504 मोबाइल क्रय केन्द्र अनुमोदित किये गये हैं। भारत सरकार द्वारा 10.00 लाख मी0टन क्रय लक्ष्य निर्धारित किया गया है, परन्तु प्रदेश में इस वर्ष 30.00 लाख मी0टन से अधिक आवक होने की सम्भावना है। इस हेतु बोरों की व्यवस्था की जा रही है। भारतीय खाद्य निगम के पास भण्डारण स्थल की कमी है।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अन्तर्गत प्रदेश में कुल 62.30 लाख मी0टन धान की खरीद की गयी है। जिसके सापेक्ष 36.33 लाख मी0टन सी0एम0आर0 केन्द्रीयपूल में प्रेषित किया जा चुका है। 5.72 लाख मी0टन धान का प्रेषण राइस मिलों को किया जाना शेष है। भारतीय खाद्य निगम के पास भण्डारण स्थल की कमी के कारण सी0एम0आर0 सम्प्रदान तेजी से नहीं हो पा रहा है। पी0डी0एस0 के खाद्यान्न उठान से रिक्त होने वाले स्पेस में ही सी0एम0आर0 का उतार हो पा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत आवंटन माह मार्च, 2026 के सापेक्ष 96.10 प्रतिशत खाद्यान्न का उठान हो चुका है। 07 जनपदों में भारतीय खाद्य निगम से गेहॅू एवं चावल उठान हेतु अवशेष है। आवंटन माह अप्रैल, 2026 के सापेक्ष 12.97 प्रतिशत खाद्यान्न का उठान हो चुका है एवं वही आवंटन माह मई, 2026 के सापेक्ष मुख्यालय स्तर से उठान का मासिक आवंटन जारी किया गया है।

मंत्री संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपदों में सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारी भ्रमणशील रहकर एल0पी0जी0 रिफिल सिलेण्डर की आपूर्ति उपभोक्ताओं के मध्य सुनिश्चित की जाए। अवैध भण्डारण एवं कालाबाजारी करने वाले के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। जनपदों में विद्यमान रिक्ति के सापेक्ष प्राप्त आवेदनों तथा अन्य पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कराते हुए, नियमानुसार नवीन राशनकार्ड निर्गत किए जाएं। नवीन पात्र लाभार्थियों को नवीन निर्गत किए जाने वाले राशनकार्डों का वितरण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित कराया जाए। जिन राशन कार्डधारकों के सदस्य भारत से बाहर विदेश नौकरी करने गए हैं तथा उनकी आय अधिक होने के कारण वह अपात्र हो गए हैं, उनके राशनकार्ड आय सीमा अधिक होने के दृष्टिगत निरस्त कर दिए जाएं, उक्त के साथ-साथ मृत व्यक्तियों के राशनकार्ड भी निरस्त कर पात्र लाभार्थियों को राशनकार्ड निर्गमित किए जाएं। ऐसी महिलाएं जिनका विवाह हो गया है, उनके यूनिटों को उनके ससुराल में जोड़ने की कार्यवाही तत्परता से की जाए।

लाभार्थियों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण करायी जाए। किसान भाईयों के मध्य मीडिया के माध्यम से गेहॅू के समर्थन मूल्य में रू0 160 प्रति कुन्तल की हुई वृद्धि का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये। किसानों को प्रेरित कर अधिक से अधिक संख्या में उनका ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया जाये। गेहॅू खरीद हेतु पर्याप्त बोरें एवं गेहॅू के सुरक्षित भण्डारण की प्लानिंग समय से पूर्ण कर ली जाये। समस्त संचालित क्रय केन्द्र समय से खोले जाये तथा क्रय केन्द्रों पर किसानों के बैठने, पीने का पानी, खरीद सम्बन्धी उपकरण, बोरा आदि व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से हो। उचित दर विक्रताओं के लाभांश का भुगतान समय से कराया जाये।  सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी हेतु टेण्डर की पॉलिसी को प्रतिस्पर्धात्मक किया जाये ताकि योग्य ठेकेदार प्रतिभाग करें तथा खाद्यान्न डिलीवरी सुचारू रूप से सम्पन्न हो सके।

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