Agra : निजी स्कूल और प्राइवेट किताबों के गठजोड़ के खिलाफ पापा संस्था का जोरदार प्रदर्शन 

संस्था के राष्ट्रीय संयोजक दीपक सिंह सरीन ने बताया कि सेंट पैट्रिक जूनियर कॉलेज, वजीरपुरा द्वारा शासनादेशों के विपरीत निजी प्रकाशकों की पुस्तक सूची जारी कर अभिभावकों को एक त

Mar 19, 2026 - 22:38
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Agra : निजी स्कूल और प्राइवेट किताबों के गठजोड़ के खिलाफ पापा संस्था का जोरदार प्रदर्शन 
Agra : निजी स्कूल और प्राइवेट किताबों के गठजोड़ के खिलाफ पापा संस्था का जोरदार प्रदर्शन 

प्रशासनिक आदेश के बाद भी बिक्री जारी, मजिस्ट्रियल जांच की मांग

आगरा। निजी विद्यालयों की मनमानी और महंगी किताबों की अनिवार्यता के खिलाफ प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स अवेयरनेस (पापा संस्था) ने संजय प्लेस स्थित माहेश्वरी बुक डिपो पर जोरदार प्रदर्शन किया। संस्था ने आरोप लगाया कि स्कूल निजी प्रकाशकों के साथ मिलकर महंगी पुस्तकों को अनिवार्य कर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं।संस्था के राष्ट्रीय संयोजक दीपक सिंह सरीन ने बताया कि सेंट पैट्रिक जूनियर कॉलेज, वजीरपुरा द्वारा शासनादेशों के विपरीत निजी प्रकाशकों की पुस्तक सूची जारी कर अभिभावकों को एक तय दुकान से खरीद के लिए बाध्य किया जा रहा है। इस वर्ष प्री-प्राइमरी से कक्षा 10 तक सभी पुस्तकों में बदलाव कर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में स्टाफ द्वारा पुस्तक विक्रेता का प्रचार किया गया और स्कूल परिसर से ही यूनिफॉर्म खरीदने के लिए निर्धारित समय के साथ 3400 रुपये लाने का संदेश प्रसारित किया गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे पूर्व डीआईओएस डॉ. मानवेंद्र सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी महेश पटेल और गोपाल कृष्ण पटल सहायक ने निजी पुस्तकों की बिक्री तत्काल रोकने के निर्देश दिए। हालांकि अधिकारियों के जाते ही दोबारा बिक्री शुरू कर दी गई, जिसे संस्था ने प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना बताया।संस्था पदाधिकारी राघवेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पढ़ने वाले गरीब बच्चों के लिए इतनी महंगी किताबें खरीदना संभव नहीं है। यदि शिक्षा को व्यापार बनाया गया तो समान अवसर का सिद्धांत खत्म हो जाएगा। अभिभावक अंकुर गौतम ने कहा कि निर्धारित दुकानों से खरीद का दबाव अनुचित व्यापारिक व्यवहार है और इससे शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। पापा संस्था ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी, संयुक्त शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा अधिकारी और महानिदेशक स्कूल शिक्षा से की है। संस्था ने पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच, दोषी विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई और निजी पुस्तक बिक्री के इस तंत्र पर रोक लगाने की मांग की है।

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