Lucknow : राजस्व वृद्धि के लिए खनन विभाग का बड़ा कदम, जवाबदेही तय
समीक्षा के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि हरियाणा बॉर्डर से आने वाले उपखनिज के वाहनों की प्रभावी निगरानी हेतु चेकगेट स्थापित किए जाने की आवश्यकता के बावजूद इस दिशा में अपेक्षित
खनन कार्यो मे लापरवाही पर बागपत के खान अधिकारी वीरेन्द्र प्रताप सिंह को वित्तीय वर्ष 2025-26 की मध्यावधि हेतु "विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि" प्रदान की गयी
खनन विभाग द्वारा राजस्व प्रबंधन एवं कार्मिक क्षमता विकास के लिए किये जा रहे प्रयास
- राजस्व बढ़ाने के लिए नोडल अधिकारी किये नामित , खनन विभाग में पारदर्शिता पर जोर
- नई तकनीक व राष्ट्रीय प्रशिक्षण से खनन विभाग की कार्यक्षमता में होगा इजाफा
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव द्वारा जनपद बागपत की खनन गतिविधियों एवं राजस्व प्राप्ति की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई, जिसमें राजस्व प्रगति अत्यन्त असंतोषजनक पाए जाने पर कड़ा संज्ञान लिया गया। समीक्षा में यह पाया गया कि 42 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र 22.85 करोड़ रुपये की ही प्राप्ति हुई है, जो अपेक्षा से काफी कम है। साथ ही खनन पट्टों के निष्पादन में अनावश्यक विलम्ब, जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) के अद्यतन में लापरवाही तथा संभावित खनन क्षेत्रों को शामिल न किए जाने जैसी गंभीर कमियां भी सामने आईं, जिनका प्रतिकूल प्रभाव राजस्व प्राप्ति पर पड़ रहा है।
समीक्षा के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि हरियाणा बॉर्डर से आने वाले उपखनिज के वाहनों की प्रभावी निगरानी हेतु चेकगेट स्थापित किए जाने की आवश्यकता के बावजूद इस दिशा में अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के बावजूद संबंधित खान अधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करना उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना एवं अनुशासनहीनता को दर्शाता है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने जनपद बागपत के खान अधिकारी वीरेन्द्र प्रताप सिंह के कार्यों में घोर उदासीनता, शिथिलता एवं लापरवाही पाए जाने पर उन्हें वित्तीय वर्ष 2025-26 की मध्यावधि हेतु "विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि" प्रदान की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन विभाग प्रदेश के राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने सभी जनपदों के खनन अधिकारियों को निर्देशित किया कि खनन पट्टों के निष्पादन में तेजी लाई जाए, डीएसआर का समयबद्ध अद्यतन सुनिश्चित किया जाए, नए खनन क्षेत्रों को तत्काल चिन्हित कर शामिल किया जाए तथा अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही पर्यावरणीय स्वीकृति एवं अन्य प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया जाए, जिससे राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके। माला श्रीवास्तव की यह कार्रवाई पूरे प्रदेश के खनन अधिकारियों के लिए एक सख्त संदेश है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ करें, ताकि प्रदेश के खनन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञातव्य है कि खनन विभाग द्वारा राजस्व प्रबंधन एवं कार्मिक क्षमता विकास के लिए प्रयास किये जा रहे हैंऔर राजस्व वृद्धि के लिए खनन विभाग का बड़े कदम उठाने के साथ जवाबदेही तय की जा रही है। राजस्व बढ़ाने के लिए नोडल अधिकारी नामित किये गये है और , खनन विभाग में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है।
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