Lucknow : 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश अभियान के लिए विशेषज्ञों ने साझा किये विचार, कहा- पीएम मोदी का दूरदर्शी लक्ष्य - भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना

संस्कृत प्रोफेसर विपिन त्रिपाठी ने विकास योजना में भारतीय परंपराओं को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि योजना को 12 माह और 12 राशि

By INA News Desk
Sep 3, 2025 - 22:43
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Lucknow : 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश अभियान के लिए विशेषज्ञों ने साझा किये विचार, कहा- पीएम मोदी का दूरदर्शी लक्ष्य - भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना
2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश अभियान के लिए विशेषज्ञों ने साझा किये विचार

Highlights-

  1. सीएम योगी का महान संकल्प - 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण।
  2. "समर्थ उत्तर प्रदेश @2047" अभियान का सीएम योगी ने किया आगाज़।
  3. यूपी को 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य
  4. विज़न डॉक्यूमेंट : "अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति, जीवन शक्ति" पर होगा आधारित।
  5. 12 प्रमुख सेक्टर पर रहेगा फोकस - कृषि, उद्योग, आईटी, पर्यटन, विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुशासन आदि।
  6. जनभागीदारी व जनता की आकांक्षाओं को शामिल करने पर फोकस।
  7. 400 से अधिक सेवानिवृत्त अधिकारी व प्रबुद्धजन जनता से लेंगे फीडबैक, देंगे अपने भी सुझाव।
  8. प्रबुद्धजन जिलों में जाकर करेंगे जनता से संवाद।
  9. छात्र, शिक्षक, महिलाएं, किसान, व्यापारी, उद्यमी, एनजीओ व आमजन होंगे शामिल।
  10. क्यूआर कोड और पोर्टल के जरिए प्रदेश के हर परिवार से एक फीडबैक लेने का सरकार का लक्ष्य।
  11. सबसे बेहतरीन सुझावों को जनपद एवं प्रदेश स्तर पर किया जाएगा सम्मानित।
  12. पंचायत व ब्लॉक स्तर पर होंगी गोष्ठियां।
  13. स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय एवं तकनीकी संस्थान में होंगी गोष्ठियां
  14. 5 सितम्बर से 5 अक्टूबर 2025 तक चलेगा महाअभियान।
  15. जिलों व शासन स्तर पर नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त।
  16. जनपद भ्रमण के बाद प्रबुद्धजन नियोजन विभाग को सौंपेंगे अपनी-अपनी रिपोर्ट।
  17. प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर तैयार होगा 'विकसित यूपी @ 2047' का विजन डॉक्यूमेंट।
  18. हाल ही में 'विकसित यूपी @ 2047' के लिए यूपी विधानसभा में 24 घंटे तक पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने रखी थी अपनी राय

लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” विज़न को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को एक बड़े अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” अभियान का शुभारंभ हुआ। राजधानी के लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी और विशेषज्ञ जनों ने अपने विचार रखे और प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के रोडमैप पर गहन विमर्श किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने और 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, अनुसंधान, संस्कृति और सामाजिक संरचना पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई।

  • स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी प्रेरणा की आवश्यकता

प्रो. विघ्नेश कुमार ने सुझाव दिया कि स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी गाथाओं को इस अभियान का हिस्सा बनाया जाए ताकि समाज में ऊर्जा और विरासत के सम्मान का मोमेंटम लगातार बना रहे।

  • कृषि और शिक्षा व्यवस्था पर जोर

डॉ. विजय सिंह निरंजन, पूर्व अधिकारी, ने किसानों के हित में खाद्य का भंडारण सीधे उनके घर पर करने की व्यवस्था का सुझाव दिया। उन्होंने कोचिंग संस्थानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कोचिंग बंद रहनी चाहिए, ताकि बच्चे नियमित रूप से स्कूल-कॉलेज जा सकें और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। साथ ही, विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही एक समान योजनाओं को एकीकृत कर कार्यकुशलता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

  • प्रजेंटेशन और जागरूकता का विस्तार

रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रंजन द्विवेदी ने सुझाव दिया कि इस पूरे अभियान को क्षेत्रवार प्रस्तुत किया जाए और सोशल मीडिया के जरिए इसका प्रसार होना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।

  • शिक्षा और रिसर्च में क्रांति

रिटायर्ड आईएएस आनंद कुमार ने शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने कहा कि ट्यूशन कल्चर को कम करना होगा और स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना होगा। साथ ही, भारतीय संस्कारों को शिक्षा में समाहित करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में रिसर्च हब और रिसर्च सेंटर बनाने की आवश्यकता भी बताई।

  • बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव

रिटायर्ड रेलवे अफसर विजय कुमार दत्त ने कहा कि प्रदेश में 78 हजार किलोमीटर लंबे मार्गों को रेलवे लाइनों के साथ मैप करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि थर्मल पावर प्लांट्स को न्यूक्लियर पावर प्लांट्स में बदलने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

  • संस्कृति और परंपरा का महत्व

संस्कृत प्रोफेसर विपिन त्रिपाठी ने विकास योजना में भारतीय परंपराओं को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने कहा कि योजना को 12 माह और 12 राशियों से जोड़कर देखा जा सकता है और संस्कृत विद्या को इसमें प्रमुखता दी जानी चाहिए।

  • उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

रिटायर्ड रेलवे अधिकारी शैलेन्द्र कपिल ने सुझाव दिया कि दूध उत्पादों का देशव्यापी प्रसार और मिठाई उद्योग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिठाइयों की प्रसिद्धि को देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाना होगा।

  • टाउनशिप और उच्च शिक्षा

पूर्व प्रोफेसर ए.के. जयंतली ने बताया कि बैरन लैंड पर छोटे-छोटे टाउनशिप बनाए जाने चाहिए ताकि गांव भी विकसित हों। उन्होंने खेती की जमीन पर शहरीकरण को रोकने, उच्च शिक्षा में “एंड्रोगोगी” पद्धति अपनाने और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देने की बात कही।

अन्य महत्वपूर्ण सुझाव
- ओडीओपी (ODOP) पर फोकस करना।
- एम्स की तरह प्राथमिक स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करना।
- बच्चों के स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, हर गांव में वॉटर एटीएम की स्थापना।
- आपदा राहत और थ्रेट प्रोटेक्शन की योजनाएं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में शराब के ठेकों पर नियंत्रण।
- जनता से संवाद के लिए अधिक समय उपलब्ध कराना।
- 2047 विकसित यूपी अभियान में संस्कृति, समाज और परिवार को प्राथमिकता।
- पशु-पक्षियों के कल्याण को भी विकास योजना में शामिल करना।
- कुल बजट का 5% हिस्सा रिसर्च के लिए निर्धारित करना।
- सामाजिक समरसता और क्षेत्रवार विकास को महत्व देना।

कार्यक्रम के अंत में विद्वानों ने एक स्वर में कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास की राह शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान, संस्कृति और सामाजिक समरसता से होकर ही गुजरती है। यदि इन बिंदुओं पर ध्यान दिया गया, तो 2047 तक “विकसित उत्तर प्रदेश” का संकल्प अवश्य पूरा होगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्रदेव सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, वरिष्ठ अधिकारीगण, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अवकाश प्राप्त अधिकारीगण, प्रोफेसर आदि गणमान्य मौजूद रहे।

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