Sambhal: छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के फरमान पर भड़के मौलाना वसी अशरफ, बोले- इल्म की कमी है, संविधान पढ़ें

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की ओर से गैर-मुस्लिम से निकाह के लिए बोर्ड की अनुमति और धर्मांतरण के दस्तावेज देखने संबंधी कथित

Jul 8, 2026 - 12:46
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Sambhal: छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के फरमान पर भड़के मौलाना वसी अशरफ, बोले- इल्म की कमी है, संविधान पढ़ें
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के फरमान पर भड़के मौलाना वसी अशरफ, बोले- इल्म की कमी है, संविधान पढ़ें

उवैस दानिश, सम्भल

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की ओर से गैर-मुस्लिम से निकाह के लिए बोर्ड की अनुमति और धर्मांतरण के दस्तावेज देखने संबंधी कथित निर्देशों पर सम्भल के मौलाना वसी अशरफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को इस्लामी शिक्षाओं और कानून की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उनका कहना था कि इस्लाम में निकाह के लिए मौलाना या काजी अनिवार्य नहीं होता, बल्कि दो गवाहों के सामने लड़का-लड़की के इकरार से निकाह संपन्न हो जाता है।

मौलाना ने कहा कि वक्फ बोर्ड को ऐसे आदेश जारी करने के बजाय अपनी संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन कर शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्फ की आय बढ़ाकर अच्छे स्कूल और कॉलेज खोले जाएं, ताकि समाज में जागरूकता बढ़े। उनका आरोप था कि ऐसे बयान केवल कुछ लोगों को खुश करने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं। धर्मांतरण के दस्तावेजों की जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो उसके दस्तावेजों की जांच होना गलत नहीं है, लेकिन किसी पर जबरन शादी या धर्म परिवर्तन थोपना इस्लाम भी स्वीकार नहीं करता। उन्होंने कहा कि आज के युवा प्रेम संबंधों के चलते विवाह करते हैं और हर मामले को जबरदस्ती से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। कोर्ट मैरिज के मुद्दे पर मौलाना ने कहा कि भारत का संविधान सर्वोपरि है और यदि कोई जोड़ा अदालत के माध्यम से विवाह करता है तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसलों का पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में वक्फ बोर्ड का हस्तक्षेप उचित नहीं है। रजिस्टर्ड मौलाना से निकाह कराने के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि पंजीकरण की व्यवस्था अलग विषय है, लेकिन निकाह की वैधता को केवल मौलाना से जोड़ना इस्लामी दृष्टि से सही नहीं है। साथ ही उन्होंने वक्फ बोर्ड की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बोर्ड को समाज के विकास और शिक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

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