MLC Election Counting 2026 - चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर वोटों की गिनती शुरू; यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में एनडीए और विपक्ष में सीधी जंग
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। शिक्षक और स्नातक कोटे की इन सीटों पर एनडीए और विपक्षी दलों में कड़ा मुकाबला है।
देश के चार बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद (एमएलसी) की 28 द्विवार्षिक सीटों के लिए मंगलवार सुबह 8:00 बजे से मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की इन सीटों पर हुए मतदान को राज्यों की क्षेत्रीय राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतपत्रों के माध्यम से हुए मतदान और वरीयता क्रम (प्रिफरेंशियल वोटिंग सिस्टम) की जटिल गणना प्रक्रिया के कारण सभी केंद्रों पर पहले मतपत्रों के बंडल बनाकर वैध मतों की छंटनी की जा रही है, जिससे अंतिम नतीजों के स्पष्ट होने में देर शाम या रात तक का समय लग सकता है।
बिहार की 8 सीटों पर सबसे ज्यादा सियासी हलचल
बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों (चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) पर मतगणना के दौरान राजनीतिक पारा काफी चढ़ा हुआ है। राजधानी पटना के बांकीपुर स्थित मतगणना केंद्र पर काउंटिंग हॉल में सीसीटीवी कैमरों के अभाव को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय कुमार के धरने पर बैठने और राजद व जन सुराज द्वारा उठाए गए सवालों के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पटना स्नातक सीट पर जदयू के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार और बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह समर्थित जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के बीच सीधी टक्कर ने मुकाबले को हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
यूपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक में प्रतिष्ठा का सवाल
उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। प्रबुद्ध व शिक्षित मतदाताओं के बीच अपनी पैठ साबित करने के लिए दोनों ही दलों ने पूरी ताकत झोंक रखी है।
उधर, महाराष्ट्र में सत्ताधारी महायुति गठबंधन और महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के प्रत्याशी आमने-सामने हैं, जहां मुंबई, कोंकण और विदर्भ संभाग की सीटों पर कड़ा संघर्ष देखने को मिल रहा है। वहीं कर्नाटक में भी विधान परिषद की रिक्त सीटों पर कांग्रेस और भाजपा-जेडीएस गठबंधन के बीच मुकाबला बराबरी का माना जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, वीडियोग्राफी के तहत गिनती
भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी राज्यों के संबंधित जनपदों में मतगणना केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस का त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया गया है। अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई है और पूरी प्रक्रिया की आधिकारिक वीडियोग्राफी कराई जा रही है। कोटा निर्धारण के बाद यदि किसी प्रत्याशी को प्रथम वरीयता के आवश्यक मत नहीं मिलते हैं, तो द्वितीय वरीयता के मतों के हस्तांतरण के जरिए परिणाम घोषित किए जाएंगे।
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