आइची-नागोया पैरा एशियन गेम्स 2026: मोना अग्रवाल ने 10 मीटर एयर राइफल में जीता गोल्ड, अवनि लेखरा को मिला सिल्वर

आइची-नागोया में पैरा एशियन गेम्स 2026 के दौरान भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 में गोल्ड मेडल हासिल किया, जबकि अवनि लेखरा ने सिल्वर अपने नाम किया।

By INA News Desk
Oct 19, 2026 - 18:15
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आइची-नागोया पैरा एशियन गेम्स 2026: मोना अग्रवाल ने 10 मीटर एयर राइफल में जीता गोल्ड, अवनि लेखरा को मिला सिल्वर
  • भारतीय निशानेबाजों का दबदबा: पैरा एशियन गेम्स में मोना अग्रवाल का स्वर्ण पदक पर सटीक निशाना
  • बाधाओं को मात देकर पोडियम के शीर्ष पर पहुंचीं मोना अग्रवाल, पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारत की झोली में डाला गोल्ड
  • मोना अग्रवाल का स्वर्णिम सफर: वॉलीबॉल और एथलेटिक्स से शूटिंग तक, अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर लहराया तिरंगा

जापान के आइची-नागोया में आयोजित किए जा रहे पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 (SH1) स्पर्धा के फाइनल में भारत की अनुभवी निशानेबाज मोना अग्रवाल ने उत्कृष्ट एकाग्रता और सटीकता का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। इसी स्पर्धा में दो बार की पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता भारत की अवनि लेखरा ने कड़ा मुकाबला पेश किया और रजत पदक पर कब्जा जमाया। दोनों भारतीय निशानेबाजों के पोडियम के शीर्ष दो स्थानों पर कब्जा जमाने से भारतीय दल की पदक तालिका में बड़ा इजाफा हुआ है।

फाइनल मुकाबले में मोना अग्रवाल ने शुरुआत से ही सटीक निशाने साधते हुए निरंतरता बनाए रखी। दबाव भरे क्षणों में उन्होंने उच्च स्कोरिंग शॉट्स लगाए और अंतिम राउंड तक अपनी बढ़त बरकरार रखी। अवनि लेखरा ने भी लगातार 10 से अधिक अंकों के शॉट्स लगाकर कड़ी चुनौती पेश की, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अंततः मोना अग्रवाल शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहीं।

राजस्थान के सीकर जिले में जन्मी मोना अग्रवाल का खेल सफर संघर्ष, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति का उदाहरण रहा है। नौ महीने की उम्र में पोलियो ग्रस्त होने के कारण उन्हें बचपन से ही गंभीर शारीरिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सीमित संसाधनों और सामाजिक दबावों के बावजूद उन्होंने खेलों को अपनी पहचान बनाने का माध्यम चुना। शूटिंग रेंज में कदम रखने से पहले उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-पावरलिफ्टिंग और सिटिंग वॉलीबॉल में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी। वर्ष 2019 में आयोजित राष्ट्रीय सिटिंग वॉलीबॉल चैंपियनशिप में वह स्वर्ण पदक जीतने वाली राजस्थान टीम की प्रमुख सदस्य रही थीं।

दिसंबर 2021 में प्रतिस्पर्धी निशानेबाजी की शुरुआत करने के बाद मोना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2023 में उन्होंने विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतकर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद वर्ष 2024 में नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा शूटिंग विश्व कप में उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड के साथ एक और स्वर्ण पदक हासिल किया था। पेरिस पैरालंपिक खेलों में भी उन्होंने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था। दो बच्चों की मां होने के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखना उनकी खेल प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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