नैमिषारण्य बाईपास मार्ग पर गहरे गड्ढे और टूटी पुलिया बढ़ा रही हैं हादसों का खतरा
नैमिषारण्य-लखनऊ लिंक बाईपास मार्ग बारिश और तूफान से क्षतिग्रस्त हो गया है। गहरे गड्ढे और अंधेरे के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है, जानें पूरी खबर।
रिपोर्ट:- सुरेंद्र मोठी नैमिषारण्य
सीतापुर-लखनऊ लिंक बाईपास मार्ग इन दिनों गंभीर बदहाली के दौर से गुजर रहा है। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और तेज तूफान के बाद इस मार्ग पर कई जगह सड़क की पटरी धंस गई है, जिससे गहरे रैनकट और गड्ढे बन गए हैं।

इसके अलावा कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग खड़ंजा भी टूट गया है और पुलिया के किनारे की मिट्टी खिसकने से खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है। घटना को बीते एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक इन क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत नहीं कराई गई है।

नैमिषारण्य एक प्रमुख और प्रसिद्ध तीर्थस्थल है, जहां रोजाना देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और वाहन पहुंचते हैं। सड़क के किनारे बने इन गहरे गड्ढों और खुली नालियों के कारण वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
अंधेरे में डूबा बाईपास मार्ग बढ़ा रहा जोखिम
बाईपास मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था का हाल भी बेहाल नजर आ रहा है। कुछ समय पहले जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद इस मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति फिर से जस की तस हो गई है।

सड़क किनारे लगाए गए कई रिफ्लेक्टर पोल और डिलीनेटर या तो टूट चुके हैं या गायब हो चुके हैं। रात के वक्त पर्याप्त रोशनी और रिफ्लेक्टर न होने के कारण वाहन चालकों को तीखे मोड़ों और पुलिया की स्थिति ठीक से दिखाई नहीं देती, जिससे हादसे का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। टूटे हुए इंटरलॉकिंग खड़ंजे, धंसी पटरियों और क्षतिग्रस्त पुलिया की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, साथ ही मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था और रिफ्लेक्टर दोबारा सुचारू किए जाएं ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन सुरक्षित हो सके।
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