Begusarai Crime News: 20 लाख की रंगदारी न देने पर घर पर बरसाईं 40 गोलियां, मौके से 20 खोखे और हमलावर की चप्पल बरामद
बिहार के बेगूसराय में 20 लाख रुपये की रंगदारी न देने पर बदमाशों ने एक घर पर करीब 40 राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी। मौके से पुलिस ने 20 खोखे और संदिग्ध सामान बरामद किया है।
- बेगूसराय में बदमाशों का तांडव: रंगदारी के लिए अंधाधुंध 40 राउंड फायरिंग, दहला पूरा इलाका; पुलिस खंगाल रही सुराग
- Begusarai Firing: खौफ फैलाने के लिए कारोबारी के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां, भागते समय बदमाश छोड़ गए खोखे और सबूत
- बिहार क्राइम: बेगूसराय में बेखौफ अपराधियों ने की भारी गोलीबारी, 20 लाख की रंगदारी से जुड़ा मामला; जांच में जुटी पुलिस
बेगूसराय (बिहार)। बिहार के बेगूसराय जिले में बेखौफ बदमाशों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। 20 लाख रुपये की भारी-भरकम रंगदारी (Extortion) की मांग पूरी न होने पर आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद अपराधियों ने एक रिहायशी मकान को निशाना बनाते हुए करीब 40 राउंड ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। देर रात अचानक हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा और आसपास के लोग दहशत के चलते अपने घरों में दुबक गए। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से 20 जिंदा खोखे (खाली कारतूस) और भागने के दौरान हमलावरों में से एक की छूटी हुई सफेद चप्पल बरामद की है। दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों पर बने गोलियों के गहरे निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि हमलावर किस कदर जानलेवा इरादे से पहुंचे थे।
- रंगदारी की मांग और दहशत फैलाने की साजिश
पीड़ित परिवार के अनुसार, कुछ समय से कुख्यात अपराधियों द्वारा लगातार 20 लाख रुपये की रंगदारी देने का दबाव बनाया जा रहा था। फोन और अन्य माध्यमों से लगातार जान से मारने और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकियां दी जा रही थीं। पीड़ित पक्ष ने जब रंगदारी की इस भारी रकम को देने में असमर्थता जताई और अपराधियों के आगे झुकने से इनकार कर दिया, तो सबक सिखाने और दहशत पैदा करने के उद्देश्य से यह हमला किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर हथियारों से लैस होकर आए थे। उन्होंने घर के मुख्य दरवाजे और खिड़कियों को निशाना बनाते हुए लगातार फायरिंग शुरू कर दी। लगभग 10 से 15 मिनट तक इलाके में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती रही। गनीमत रही कि गोलीबारी के दौरान परिवार के सदस्य सुरक्षित कमरों और पक्के ओट में छिप गए, जिससे कोई जनहानि या शारीरिक क्षति नहीं हुई।
- मौके से महत्वपूर्ण सुराग बरामद
वारदात के बाद पुलिस की फॉरेंसिक और तकनीकी टीम ने घटनास्थल का सघन मुआयना किया। जांच अधिकारियों ने जमीन पर बिखरे 20 खोखों को जब्त कर लिया है। बरामद खोखों के आधार पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि फायरिंग में देसी पिस्तौल के अलावा आधुनिक ऑटोमैटिक और सेमी-ऑटोमैटिक हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस के हाथ हमलावर की जो चप्पल लगी है, उसे भी जांच का एक अहम सुराग माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि फायरिंग के दौरान हड़बड़ाहट में या भागते वक्त किसी अपराधी की चप्पल वहीं छूट गई। खोजी कुत्तों (Dog Squad) की मदद से संदिग्धों के भागने की दिशा और संभावित ठिकानों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
- सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की तलाश
इलाके के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। घटनास्थल और उसके आसपास मुख्य सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हमलावर बाइक पर सवार थे या पैदल पहुंचे थे और वारदात के बाद किस रास्ते से भागे।
पुलिस इलाके के पुराने रंगदारी मांगने वाले गिरोहों और जेल से हाल ही में छूटे कुख्यात अपराधियों के रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। स्थानीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक गिरोहों के संदिग्ध ठिकानों पर रात भर छापेमारी की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर नामजद और अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
- स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस भीषण गोलीबारी की घटना के बाद स्थानीय व्यवसायियों और आम नागरिकों में गहरा आक्रोश और असुरक्षा का माहौल देखा जा रहा है। व्यापारिक और नागरिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराई जाए और घटना में शामिल अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
बेगूसराय में रंगदारी और गोलीबारी के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर पुलिस की गश्त और रात्रि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक अपराधियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आपराधिक तत्वों का मनोबल टूट पाना संभव नहीं होगा।
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