बिहार के लखीसराय अशोकधाम मंदिर में मची भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत और कई घायल
बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में मची भगदड़ में 7 लोगों की मौत हो गई। कई घायल अस्पताल में भर्ती हैं। पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया है।
- Lakhisarai Temple Stampede: अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, 7 की जान गई, पीएम मोदी ने जताया दुख
- बिहार के अशोकधाम मंदिर में दर्दनाक हादसा: पूजा के दौरान मची भगदड़ में 7 की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक
- बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में भगदड़ से 7 श्रद्धालुओं की मौत, राहत कार्य जारी
बिहार के लखीसराय जिले में स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर परिसर में अचानक मची भगदड़ के कारण सात श्रद्धालुओं की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा मंदिर में भारी भीड़ के जमावड़े और दर्शन के दौरान मची अफरा-तफरी की वजह से घटित हुआ। घायलों को फौरन लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और राहत एवं बचाव अभियान तेजी से संचालित किया जा रहा है।
बिहार के लखीसराय में स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल अशोकधाम मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान अप्रत्याशित रूप से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। दर्शन के लिए जुटी भारी भीड़ के अनियंत्रित होने से सात लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस अफरा-तफरी में कई श्रद्धालु दबने और गिरने के कारण घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर प्रबंधन और स्थानीय सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया तथा तत्काल एम्बुलेंस सेवाओं के जरिए घायलों को पास के सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
अशोकधाम मंदिर में प्रतिदिन की भांति बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। परिसर में कतारबद्ध तरीके से दर्शन की व्यवस्था की गई थी, किंतु एक विशेष समय पर श्रद्धालुओं का दबाव मुख्य द्वार और गर्भ गृह की ओर अचानक बढ़ गया। इसी बीच आगे निकलने की होड़ में कुछ लोग लड़खड़ा कर गिर पड़े, जिससे पीछे से आ रही भीड़ अनियंत्रित हो गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही क्षणों में चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस बल और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और मार्ग खाली कराकर घायलों को लखीसराय सदर अस्पताल भेजा, जहां उनका निरंतर उपचार जारी है।
इस दुखद दुर्घटना पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा किए गए संदेश में उन्होंने कहा कि लखीसराय के मंदिर में हुए इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की खबर से वे अत्यंत व्यथित हैं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी सहानुभूति जताई और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत और बचाव कार्यों में जुटा है तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए स्पष्ट किया है कि घायलों के समुचित इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीम तैनात कर दी गई है।
इस दुखद हादसे के बाद पूरे लखीसराय जिले और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई है। मंदिर परिसर और सदर अस्पताल के बाहर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के परिजन और स्थानीय लोग एकत्रित हो गए। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे। इस घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन निकासी मार्गों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पुनर्गठित करना शुरू कर दिया है ताकि आगे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति पर डॉक्टरों की विशेष निगरानी बनी हुई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम के कारणों की समीक्षा कर रहा है ताकि भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके तथा भविष्य में ऐसे धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के कड़े मानक सुनिश्चित किए जा सकें।
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