Lucknow: बीबीएयू लखनऊ में डेटा विश्लेषण व जनरेटिव एआई पर राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न।
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में अन्वेषणात्मक डेटा विश्लेषण (EDA) एवं जनरेटिव एआई विषय पर दो दिवसीय
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में अन्वेषणात्मक डेटा विश्लेषण (EDA) एवं जनरेटिव एआई विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन 6 एवं 7 अप्रैल को किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता केंद्र द्वारा अंबेडकर स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (ASSS) में आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए शोधार्थियों, शिक्षकों और पेशेवरों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यशाला का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन, कुलगीत एवं बाबासाहेब को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर कुलपति Prof. R. K. Mittal ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता केंद्र का औपचारिक उद्घाटन करते हुए कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग संतुलित और सकारात्मक रूप में किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव जीवन के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान SIST के डीन Prof. M. P. Singh ने एआई और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं उद्योग विशेषज्ञ Akhilesh Shukla ने मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई के उभरते रुझानों पर व्याख्यान देकर प्रतिभागियों को नवीन तकनीकों से अवगत कराया। कार्यशाला का समन्वय Dr. Babita Pandey द्वारा किया गया। तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को Exploratory Data Analysis, Python तथा LangChain के माध्यम से जनरेटिव एआई आधारित एप्लीकेशन विकसित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकी कौशल हासिल करने का अवसर मिला।
इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्ष Dr. Rajshree ने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर संचालित एआई पहलों—जैसे राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यक्रम और ‘एआई प्रज्ञा’—की जानकारी दी। उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया। दो दिवसीय कार्यशाला के प्रथम दिन अन्वेषणात्मक डेटा विश्लेषण पर केंद्रित सत्र आयोजित किए गए, जबकि दूसरे दिन LangChain आधारित जनरेटिव एआई पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
यह कार्यशाला विश्वविद्यालय में एआई आधारित अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
What's Your Reaction?









