नोएडा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हादसा: दो मौतों पर NHRC सख्त, डीएम और पुलिस आयुक्त से दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
जहरीली गैस से सफाईकर्मी और सुरक्षा गार्ड की मौत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, मुआवजे और जांच रिपोर्ट तलब
नई दिल्ली/नोएडा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा स्थित एक आवासीय सोसायटी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में जहरीली गैस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला मानते हुए गौतम बुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। रिपोर्ट में मामले की जांच की वर्तमान स्थिति, हादसे के कारणों तथा मृतकों के परिजनों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई प्रदान किया गया हो) का पूरा विवरण शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को एक सफाईकर्मी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक की सफाई करने के लिए अंदर उतरा था। जहरीली गैस के प्रभाव से वह बेहोश हो गया। जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया, तो उसे बचाने के लिए सोसायटी का एक सुरक्षा गार्ड टैंक में उतरा, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि यदि मीडिया में प्रकाशित तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह कर्मचारियों की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही और मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय में विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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