पीलीभीत मतदाता सूची में फर्जीवाड़े पर बड़ा एक्शन: वर्तमान व पूर्व ईआरओ पर मुकदमा, कंप्यूटर ऑपरेटर बर्खास्त
पीलीभीत 127 विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 10,470 फर्जी प्रविष्टियों पर कड़ा एक्शन। वर्तमान व पूर्व ईआरओ पर केस और विभागीय जांच, कंप्यूटर सहायक बर्खास्त।
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 127-पीलीभीत की निर्वाचक नामावली में गंभीर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के मामले में निर्वाचन आयोग व शासन स्तर से बेहद कठोर दंडात्मक कदम उठाए गए हैं। मतदाताओं के आधिकारिक ईपिक (EPIC) नंबर पर अन्य व्यक्तियों का विवरण दर्ज किए जाने की गंभीर शिकायतों के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत द्वारा भेजी गई विस्तृत जांच आख्या के आधार पर वर्तमान और तत्कालीन दोनों निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के विरुद्ध विधिक प्राथमिकी और विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं, जबकि मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक (वीआरसी ऑपरेटर) को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
जांच आख्या के अनुसार पीलीभीत के मतदाता पंजीकरण केंद्र पर तैनात कंप्यूटर सहायक द्वारा 31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच मतदाताओं के विवरण संशोधन से संबंधित कुल 13,779 फॉर्म-8 की प्रविष्टियां पोर्टल पर दर्ज की गईं। इनमें से 4,717 फॉर्मों की फीडिंग 16 जुलाई 2026 तक तथा शेष 9,062 फॉर्मों की प्रविष्टि 17 जुलाई से 29 अगस्त 2026 के मध्य की गई। चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि इन प्रविष्टियों से संबंधित कोई भी भौतिक फॉर्म या सहायक मूल अभिलेख कार्यालय के रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं था। बिना किसी वैध दस्तावेज के दर्ज किए गए इन फॉर्मों में से 10,470 को स्वीकृत और 3,309 को अस्वीकृत किया गया, जिससे सीधे तौर पर 10,470 प्रविष्टियों में भारी अनियमितता व हेराफेरी प्रमाणित हुई है।
इस बड़े फर्जीवाड़े को अक्षम्य अपराध मानते हुए दोषी कंप्यूटर ऑपरेटर तथा 16 जुलाई 2026 तक व 17 जुलाई से 29 अगस्त 2026 के मध्य तैनात रहे दोनों निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही दोनों अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रकरण में संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) की संदिग्ध भूमिका की भी अलग से सूक्ष्म जांच कर रिपोर्ट तलब की गई है।
दोषी कंप्यूटर सहायक की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत को निर्देश दिए गए हैं कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की समाप्ति से लेकर 21 अक्टूबर तक ऑपरेटर द्वारा फीड किए गए नाम जोड़ने संबंधी समस्त फॉर्म-6 और नाम विलोपन संबंधी समस्त फॉर्म-7 की 24 घंटे के भीतर सघन जांच कर विस्तृत आख्या उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा फॉर्म-8 के माध्यम से दूषित की गई सभी 10,470 प्रविष्टियों को विधिक प्रक्रिया के तहत मानक के अनुरूप शुद्ध करने की कार्यवाही युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार पर आंच न आए।
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