यूपी में पहली बार ऑनलाइन तैयार हुई स्नातक व शिक्षक निर्वाचक नामावली, घर बैठे मिली पोलिंग बूथ की जानकारी
यूपी विधान परिषद चुनाव के इतिहास में पहली बार स्नातक व शिक्षक मतदाता सूची ऑनलाइन तैयार की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दी व्यवस्था की जानकारी।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी, त्रुटिरहित और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में निर्वाचन आयोग ने ऐतिहासिक पहल की है। राज्य के चुनावी इतिहास में पहली बार विधान परिषद स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची तैयार करने से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूर्णतः ऑनलाइन संचालित किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व के चुनावों में मतदाता सूचियां जिला स्तर पर पारंपरिक मैनुअल पद्धति से तैयार की जाती थीं, किंतु इस बार आधुनिक डिजिटल प्रणाली अपनाई गई।
भारत निर्वाचन आयोग के पूर्व दिशा-निर्देशों के क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की आईटी टीम द्वारा तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से मात्र चार माह के भीतर एक अत्याधुनिक वेब पोर्टल विकसित किया गया। पोर्टल के माध्यम से अर्हता तिथि 1 नवंबर 2025 के आधार पर खंड स्नातक क्षेत्र में 2,91,273 तथा खंड शिक्षक क्षेत्र में 52,082 को मिलाकर कुल 3,43,355 अभ्यर्थियों ने घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कराया। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को ऑनलाइन माध्यम से अंतिम मतदाता सूची तैयार कर समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर सार्वजनिक की गई।
अंतिम प्रकाशन के उपरांत प्राप्त नाम जोड़ने, विलोपन और संशोधन से जुड़े आवेदनों का सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा प्रतिमाह निस्तारण किया गया। इन संशोधनों को पूरक सूची के रूप में डाउनलोड करने व वेबसाइट पर प्रदर्शित करने की पारदर्शी व्यवस्था की गई, जिससे राजनीतिक दलों और आम जनता को अद्यतन जानकारी सहजता से उपलब्ध हुई। पूर्व में यह व्यवस्था मैनुअल रहने के कारण आवश्यक बदलावों की समय पर जानकारी मिलना कठिन होता था।
निर्वाचन की औपचारिक घोषणा से पूर्व लंबित सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कर निर्वाचक नामावली का अंतिम डिजिटल प्रकाशन किया गया। इसके तहत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर कुल 14,81,310 मतदाताओं का पंजीकरण हुआ। मतदाताओं की सुविधा के लिए पोर्टल पर ऐसा विशेष मॉड्यूल विकसित किया गया, जिसके माध्यम से मतदाता केवल अपना नाम, संबंधी का नाम और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज कर घर बैठे ही अपना मतदेय स्थल (पोलिंग बूथ) और मतदाता क्रमांक जान सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पोर्टल निर्माण से लेकर सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के लॉगिन, फॉर्म प्रोसेसिंग, स्वीकृति-अस्वीकृति, सीरियलाइजेशन और डुप्लीकेशन जांच के सभी चरणों को बेहद कम समय में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। पोर्टल के नए होने और अधिकारियों-ऑपरेटरों के प्रथम प्रशिक्षण के बावजूद लिपिकीय त्रुटियों की संख्या 150 से भी कम दर्ज की गई, जो कुल मतदाताओं का मात्र 0.01 प्रतिशत है। आयोग के इस तकनीकी सुधार से समूची चुनाव प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और मतदाता-अनुकूल बनी है।
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