यूपी विधान परिषद चुनाव में मतदाता सूची की लिपिकीय गलतियों पर नहीं रुकेगा वोट, निर्वाचन अधिकारी का निर्देश
यूपी विधान परिषद स्नातक व शिक्षक चुनाव में मतदाता सूची की लिपिकीय गलतियों पर मतदान नहीं रुकेगा। पहचान पुख्ता होने पर वोट डालने की अनुमति का आदेश।
राज्य विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के दौरान मतदाता सूची में नाम, पते या अन्य विवरणों में मामूली लिपिकीय अशुद्धि होने पर भी वैध मतदाताओं को अपने मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए सभी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि केवल मामूली मुद्रण दोषों के कारण कोई भी पात्र मतदाता लोकतांत्रिक अधिकार के प्रयोग से बाहर न रह जाए।
आदेश के अनुसार यदि कोई पंजीकृत मतदाता मतदेय स्थल पर उपस्थित होता है और मतदान कार्मिकों को सूची में उसके विवरण से जुड़ी कोई टंकण या वर्तनी की अशुद्धि मिलती है, तो संबंधित व्यक्ति की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। यदि प्रस्तुत अधिकृत पहचान दस्तावेजों और सूची के अन्य विवरणों के आधार पर पीठासीन अधिकारी या मतदान कर्मी इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि केंद्र पर मौजूद व्यक्ति वही वैध मतदाता है, तो उन मामूली अशुद्धियों की अनदेखी करते हुए उसे वोट डालने की पूर्ण अनुमति प्रदान की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी जिलास्तरीय अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों और मतदान दलों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। उन्होंने निर्देशित किया है कि जमीनी स्तर पर तैनात सभी मतदान कर्मियों को इन प्रावधानों से भलीभांति अवगत कराया जाए, ताकि मतदान केंद्रों पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने और संपूर्ण मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराया जा सके।
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