Pilibhit : योगी ने पीलीभीत को दी 569 करोड़ की सौगात, विस्थापित परिवारों को मिले जमीन के पट्टे और नागरिकता प्रमाणपत्र

मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश से आए करीब 2500 विस्थापित परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इन लोगों को पुनर्वास का पूरा अधिकार मिल रहा है। राज्य में ऐसे 55 हजार से अधिक परिवार हैं, जिन्हें किश्तों में नागरिकता और जमीन के अधिकार दिए जा रहे हैं।

Jun 29, 2026 - 20:31
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Pilibhit : योगी ने पीलीभीत को दी 569 करोड़ की सौगात, विस्थापित परिवारों को मिले जमीन के पट्टे और नागरिकता प्रमाणपत्र
Pilibhit : योगी ने पीलीभीत को दी 569 करोड़ की सौगात, विस्थापित परिवारों को मिले जमीन के पट्टे और नागरिकता प्रमाणपत्र

Report : कुँवर निर्भय सिंह, आईएनए पीलीभीत- उत्तर प्रदेश

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरखेड़ा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर में 569 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पिछले 55-56 वर्षों से विस्थापित होकर रह रहे बंगाली हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवारों को भूमि के पट्टे और भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र सौंपे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि और चेक भी वितरित किए। इनमें दिवंगत होमगार्ड विचित्र पाल सिंह के आश्रित परिवार को 38 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक, सोनी देवी को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 24 लाख रुपये और कमलेश गंगवार को नंदनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 31.25 लाख रुपये का चेक शामिल है।

इसके अलावा जिले के स्वयं सहायता समूहों को 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये की सामूहिक राशि सौंपी गई।

अंशिका देवी को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मीनू को कन्या सुमंगला योजना और प्रीति व अरविंद को क्रमशः प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घरों की चाबियां दी गईं।

इस दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत अपनी प्राकृतिक सुंदरता, टाइगर रिजर्व, जैव विविधता और बांसुरी निर्माण के लिए जाना जाता है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि नागरिकता पाने वाले इन परिवारों ने पांच दशकों से अधिक समय तक प्रशासनिक और वन विभाग से जुड़ी कई समस्याओं का सामना किया है, लेकिन अब उनकी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित भविष्य पा सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश से आए करीब 2500 विस्थापित परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इन लोगों को पुनर्वास का पूरा अधिकार मिल रहा है।

राज्य में ऐसे 55 हजार से अधिक परिवार हैं, जिन्हें किश्तों में नागरिकता और जमीन के अधिकार दिए जा रहे हैं। वन विभाग और केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही बाकी बचे परिवारों को भी यह लाभ दिया जाएगा।

उन्होंने भूमाफियाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि साल 2017 के बाद से सरकारी और गौशाला की जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे अब अपराधी कानून के दायरे में हैं।

उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास पर बात करते हुए उन्होंने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं का जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि पीलीभीत से शामली और गोरखपुर के बीच बनने वाला आर्थिक कॉरिडोर क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि जनहित के सभी प्रस्तावों को प्राथमिकता से मंजूरी दी जाएगी।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष दलजीत कौर, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, विधान परिषद सदस्य सुधीर गुप्ता, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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