PM Modi Birthday: मध्य प्रदेश में 25 लाख दीये जलाने की तैयारी पर सियासत तेज, राहुल गांधी ने बेरोजगारी और महंगाई पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश में 25 लाख दीये जलाने के आयोजन पर सियासी घमासान छिड़ गया है। राहुल गांधी ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है।
- पीएम मोदी के जन्मदिन पर एमपी में 'दीपोत्सव': कांग्रेस ने साधा निशाना, राहुल गांधी बोले जनता के असल मुद्दों से भटकाया जा रहा ध्यान
- MP News: 25 लाख दीप प्रज्वलन को लेकर भाजपा और कांग्रेस में सियासी घमासान, जानिए विपक्ष के आरोप और सत्ता पक्ष की दलील
- राजनीतिक घमासान: प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर मध्य प्रदेश में भव्य आयोजन की तैयारी, राहुल गांधी ने पूछा युवाओं के भविष्य का क्या?
भोपाल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर आयोजित किए जा रहे 'दीपोत्सव' और सेवा कार्यक्रमों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच तीखा राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा राज्य भर में 25 लाख दीये प्रज्वलित करने की व्यापक योजना तैयार की गई है। इस भव्य आयोजन को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कड़ा एतराज जताते हुए केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब देश का युवा गंभीर बेरोजगारी का सामना कर रहा है, किसान अपनी फसलों के उचित दाम के लिए संघर्षरत हैं और आम नागरिक महंगाई के बोझ तले दबा हुआ है, तब सरकारी मशीनरी और संसाधनों का रुख केवल भव्य आयोजनों और व्यक्तिगत प्रचार की ओर मोड़ा जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन 'सेवा पखवाड़ा' के रूप में जनकल्याण, पर्यावरण संरक्षण और समाज के अंतिम व्यक्ति की सहायता के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है और कांग्रेस को हर सकारात्मक कार्य में राजनीति तलाशने की आदत हो चुकी है।
- मध्य प्रदेश में 25 लाख दीये जलाने की क्या है योजना?
मध्य प्रदेश में भाजपा संगठन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों, नर्मदा और क्षिप्रा जैसी पवित्र नदियों के घाटों, ऐतिहासिक स्मारकों और जिला मुख्यालयों पर एक साथ 25 लाख मिट्टी के दीये जलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के अनुसार, इस आयोजन में स्थानीय कारीगरों (कुम्हारों) द्वारा तैयार किए गए स्वदेशी दीपकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को बढ़ावा मिले। इसके अलावा 17 सितंबर से शुरू होकर दो अक्टूबर (गांधी जयंती) तक चलने वाले पखवाड़े में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य परीक्षण मेले, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण और पौधारोपण जैसे जनहितैषी कार्यक्रम भी प्रस्तावित किए गए हैं।
- राहुल गांधी ने उठाए तीखे सवाल: 'रोटी, रोजगार और भविष्य पर हो बात'
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस आयोजन के औचित्य पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं को आज दीपकों के उत्सव से अधिक रोजगार के अवसरों और निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं की आवश्यकता है।
राहुल गांधी के मुख्य आक्षेप:
बेरोजगारी का संकट: शिक्षित युवा प्रतियोगी परीक्षाओं के पर्चे लीक होने और वर्षों तक नियुक्तियां अटकने से हताश हैं, ऐसे में उत्सवों पर ध्यान केंद्रित करना युवाओं के दर्द की अनदेखी है।
बजट और प्राथमिकताओं की दिशा: सार्वजनिक और संगठनात्मक संसाधनों का उपयोग जमीनी समस्याओं जैसे ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था, प्राथमिक शिक्षा और कृषि संकट के समाधान में होना चाहिए।
प्रतीकात्मकता बनाम ठोस नीति: प्रतीकात्मक आयोजनों से आम जनजीवन की वास्तविक समस्याओं का निराकरण नहीं हो सकता; सरकार को आर्थिक असमानता और गिरती क्रय शक्ति पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी आरोप लगाया कि राज्य का खजाना भारी कर्ज के बोझ से दबा है, ऐसे समय में भव्य आयोजनों पर प्रशासनिक ऊर्जा खपाना जनता के करों का अनुचित उपयोग है।
भाजपा का पलटवार: 'सेवा और समर्पण का पर्व है, फिजूलखर्ची नहीं'
विपक्षी हमलों का त्वरित जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है। मध्य प्रदेश भाजपा के प्रवक्ताओं और मंत्रियों का कहना है कि यह कोई दिखावा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के 24 वर्ष से अधिक के सार्वजनिक सेवा जीवन (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में) के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है।
सत्ता पक्ष की दलीलें:
कुम्हारों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा: 25 लाख मिट्टी के दीयों के निर्माण से हजारों स्थानीय ग्रामीण कारीगरों और मिट्टी शिल्पकारों को सीधे आजीविका मिली है।
जनसेवा का संकल्प: जन्मदिन के बहाने पूरे राज्य में हजारों यूनिट रक्तदान होगा, लाखों पौधे लगाए जाएंगे और अस्पतालों में मरीजों की सेवा की जाएगी।
विकसित भारत का संकल्प: दीप प्रज्वलन को देश के विकास और आत्मसम्मान के जागरण के प्रतीक के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी संकीर्ण राजनीतिक चश्मे से।
भाजपा नेताओं ने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस विकास और जनकल्याण के किसी भी बड़े राष्ट्रीय संकल्प में भागीदारी करने के बजाय केवल नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाती रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर होने वाले आयोजन केवल प्रशासनिक या धार्मिक कार्यक्रम नहीं रह गए हैं, बल्कि वे एक प्रमुख राजनीतिक संदेश देने का मंच बन चुके हैं। मध्य प्रदेश जैसे बड़े हिंदी भाषी राज्य में 25 लाख दीयों का यह विशाल कार्यक्रम संगठन की जमीनी पहुंच और कैडर की सक्रियता को मापने का भी जरिया है।
वहीं, विपक्ष इस अवसर का उपयोग सरकार को उसके बुनियादी वादों विशेष रूप से आर्थिक और रोजगार के मोर्चे पर घेरने के लिए एक रणनीतिक अवसर के तौर पर कर रहा है। आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं, क्योंकि जहां भाजपा इसे सेवा और सांस्कृतिक गौरव का पर्व बताकर घर-घर पहुंचेगी, वहीं कांग्रेस बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दों को लेकर जनसंवाद की रूपरेखा तैयार कर रही है।
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