UP Agriculture: रबी सीजन में 140 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य, दलहन-तिलहन और फसल विविधीकरण पर जोर
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रबी अभियान-2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएससी), पूसा, नई दिल्ली
- रबी सीजन में 140 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बुवाई का लक्ष्य: सूर्य प्रताप शाही
- कृषि मंत्री ने रबी अभियान-2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर पूसा, नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कृषि को किया संबोधित
- गेहूं के साथ दलहन एवं तिलहन का आच्छादन बढ़ाने और फसल विविधीकरण पर विशेष जोर
- चना, मटर व मसूर के बीज वितरण लक्ष्य को पूर्ववत बहाल करने का भारत सरकार से किया अनुरोध
- अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को आपदा मद से सहायता और फसल बीमा दावों के त्वरित निस्तारण की मांग
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रबी अभियान-2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएससी), पूसा, नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी रबी सीजन में प्रदेश में लगभग 140 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत लगभग 100 लाख हेक्टेयर में गेहूं, लगभग 20 लाख हेक्टेयर में दलहन तथा लगभग 20 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में तिलहन की बुवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फसल विविधीकरण, उत्पादकता संवर्धन तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं और उत्तर प्रदेश ने प्रमुख फसलों की उत्पादकता को राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।

कृषि मंत्री ने तूर, अरहर और मूंग की 4.70 लाख मीट्रिक टन खरीद की अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने रबी फसलों के लिए प्रमाणित बीज वितरण के लक्ष्य को पूर्व निर्धारित 98,137 क्विंटल पर बहाल करने का अनुरोध करते हुए कहा कि चना, मटर और मसूर के बीज उत्पादन लक्ष्य को कम किए जाने से राज्य बीज निगम सहित प्रदेश के रबी क्षेत्र पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार दलहन एवं तिलहन के उत्पादन विस्तार के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है और 12 जनपदों में कृषि उन्नति योजना एवं धन-धान्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
श्री शाही ने हाल ही में हुई अतिवृष्टि से प्रदेश के 26 जनपदों में फसलों को पहुंचे नुकसान की जानकारी देते हुए किसानों को आपदा मद से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि लगभग पांच लाख किसानों की फसल क्षति की सूचना पर कृषि विभाग और बीमा कंपनियों द्वारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है, ताकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावों का त्वरित निस्तारण हो सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न डिजिटल एप्लीकेशनों के एकीकरण, संतुलित उर्वरक उपयोग, समयबद्ध आपूर्ति तथा लोडिंग-अनलोडिंग व रिटेलर कमीशन को व्यावहारिक बनाए जाने पर बल देते हुए आश्वस्त किया कि रबी उत्पादन बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार भारत सरकार के साथ पूर्ण समन्वय से कार्य करेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर व भागीरथ चौधरी, त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, कर्नाटक के कृषि मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी, पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री अशोक किरतनिया, बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, गुजरात के कृषि मंत्री जीतूभाई सावजीभाई वघानी, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय विठोबा भरणे, मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम, अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्री गेब्रियल डी. वांगसू तथा भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतीश चंद्रा सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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