रायबरेली में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का भव्य आगाज, 16 हजार से अधिक शिक्षा कर्मियों को मिला लाभ
रायबरेली के गोपाल सरस्वती इंटर कॉलेज में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ हुआ। कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने बांटे हेल्थ कार्ड।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' को धरातल पर उतारने के लिए रायबरेली के रतापुर स्थित गोपाल सरस्वती इंटर कॉलेज में एक भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के खाद्य एवं रसद व नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय रहे। मुख्य अतिथि और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इस दौरान गोरखपुर में आयोजित मुख्यमंत्री के मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी उपस्थित लोगों को दिखाया गया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिले के 26 शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों और एक शिक्षक के परिवार के सदस्यों को योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा वाले कैशलेस हेल्थ कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में सैलरी खाता खुलवाने वाले 4 शिक्षकों को नई पासबुक प्रदान की गई। इसी मंच से प्राथमिक विद्यालय कोडर जहानपुर के पांच नव प्रवेशी बच्चों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें भेंट कर 'स्कूल चलो अभियान' का भी आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत शिक्षा विभाग के स्थायी और संविदा कर्मियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के स्टाफ और मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों व उनके आश्रित परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलेगी।
रायबरेली जिले में इस जनकल्याणकारी योजना के अंतर्गत 2301 परिषदीय स्कूलों और 16 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों व उनके परिजनों को लाभान्वित किया गया है। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग के 46 अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों और 10 सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के कुल 691 शिक्षक इस दायरे में आए हैं। पूरे जिले में 7103 शिक्षक, 562 अनुदेशक, 2112 शिक्षामित्र, 6351 रसोइये, 196 कस्तूरबा गांधी स्कूल स्टाफ और 41 विशेष शिक्षकों को मिलाकर कुल 16365 लोग इस मुफ्त इलाज योजना से सीधे जुड़ गए हैं। इसके साथ ही, जिले के 1,79,111 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 1200-1200 रुपये की धनराशि भेजी गई है, ताकि बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीद सकें।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। यह कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों और उनके आश्रितों को एक मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान करेगी। सरकार के लिए शिक्षकों का सम्मान और बच्चों का सर्वांगीण विकास सबसे बड़ी प्राथमिकता है। डीबीटी प्रणाली लागू होने से पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आई है और सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सीधे हकदार परिवारों तक पहुंच रहा है। कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन एसएस पाण्डेय ने किया। इस दौरान अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, नगर अध्यक्ष आशुतोष पाण्डेय और शिवेन्द्र सिंह सहित भारी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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