Rani Mukerji Honoured at IFFM: मेलबर्न में रानी मुखर्जी को मिला विशेष सम्मान, सिनेमा में पूरे किए 30 साल
बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी को इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) में भारतीय सिनेमा में उनके 30 वर्षों के शानदार योगदान के लिए विशेष सम्मान से नवाजा गया।
- इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में रानी मुखर्जी का जलवा, 30 साल के फिल्मी सफर पर मिला बड़ा अवॉर्ड
- मेलबर्न में रानी मुखर्जी को मिला बड़ा सम्मान: भारतीय सिनेमा में 30 साल पूरे होने पर IFFM ने किया सम्मानित
- IFFM 2026: रानी मुखर्जी को मेलबर्न के इंडियन फिल्म फेस्टिवल में मिला विशेष सम्मान, 30 साल का करियर सेलिब्रेट
बॉलीवुड की दिग्गज और बहुमुखी अभिनेत्री रानी मुखर्जी को ऑस्ट्रेलिया में आयोजित इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) में भारतीय सिनेमा में उनके तीन दशक के बेमिसाल योगदान के लिए विशेष सम्मान से नवाजा गया है। अपने करियर के 30 गौरवशाली वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य में उन्हें यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। मेलबर्न में आयोजित इस भव्य समारोह में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद थीं। रानी मुखर्जी ने अपने सशक्त अभिनय और यादगार किरदारों के जरिए भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है, और यह सम्मान उनके उसी निरंतर समर्पण व कलात्मक उत्कृष्टता को समर्पित है।
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में आयोजित इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) के वार्षिक समारोह में भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री रानी मुखर्जी को एक विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया। यह पुरस्कार उनके फिल्म इंडस्ट्री में 30 वर्षों के गौरवमयी और प्रभावशाली सफर के उपलक्ष्य में प्रदान किया गया है। फेस्टिवल आयोजकों ने भारतीय सिनेमा में महिला केंद्रित भूमिकाओं को नई ऊंचाई देने और विविध प्रकार के सशक्त किरदारों को पर्दे पर जीवंत करने के लिए उनके योगदान की खुलकर सराहना की।
समारोह के दौरान रानी मुखर्जी की तीन दशकों की सिनेमाई यात्रा को दर्शाने वाला एक विशेष वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें उनके शुरुआती दिनों की फिल्मों से लेकर हालिया चर्चित अभिनय तक की झलकियां शामिल थीं। जब उन्हें मंच पर सम्मान ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया, तो सभागार में मौजूद दर्शकों और साथी कलाकारों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया।
रानी मुखर्जी ने 90 के दशक में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी और उसके बाद से उन्होंने 'साथिया', 'हम तुम', 'ब्लैक', 'मर्दानी', 'हिचकी' और 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' जैसी अनगिनत फिल्मों के माध्यम से अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया। समारोह के दौरान उन्होंने अपने इस सफर में सहयोग देने वाले निर्देशकों, सह-कलाकारों और प्रशंसकों का आभार जताया जिन्होंने हर दौर में उनके काम पर भरोसा बनाए रखा। सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में रानी मुखर्जी ने कहा कि सिनेमा उनके लिए केवल एक पेशा नहीं बल्कि जीवन जीने का माध्यम रहा है। उन्होंने कहा कि तीन दशकों तक दर्शकों का प्यार और सम्मान पाना किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा उपहार होता है। उन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय कहानियों और संस्कृति को मिल रही सराहना पर भी प्रसन्नता व्यक्त की।
फेस्टिवल आयोजकों और जूरी सदस्यों ने भी रानी के काम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय सिनेमा में महिला किरदारों की परिभाषा को बदला है। उन्होंने जटिल और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को जिस संवेदनशीलता के साथ निभाया है, वह आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों के लिए प्रेरणादायक है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय कलाकारों को मिलने वाले ऐसे सम्मान वैश्विक स्तर पर भारतीय फिल्मों की पहुंच और स्वीकार्यता को और मजबूत करते हैं। रानी मुखर्जी को मिले इस सम्मान ने एक बार फिर साबित किया है कि सशक्त विषयवस्तु और प्रभावशाली अभिनय भाषा व सीमाओं के बंधनों से परे होता है। तीन दशकों की इस लंबी और सफल यात्रा के बाद भी रानी मुखर्जी लगातार चुनौतीपूर्ण और प्रभावशाली कहानियों की तलाश में सक्रिय हैं। आने वाले समय में वह कुछ और नए प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं, जहां दर्शक उन्हें एक बार फिर नए और मजबूत अवतार में देखेंगे। सिनेमा प्रेमियों को उम्मीद है कि उनका यह कलात्मक सफर आगे भी भारतीय सिनेमा को नए आयाम देता रहेगा।
What's Your Reaction?



