Hardoi News: रूपापुर में किसानों के आंदोलन ने पकड़ा जोर! अब दो संगठन भी मैदान में उतरे, प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती
20 दिनों से अधिक समय से जारी है धरना, बढ़े सर्किल रेट के आधार पर अतिरिक्त मुआवजे और पट्टे की जमीन का प्रतिकर दिलाने की मांग
सवायजपुर (हरदोई)। रूपापुर आईएमएलसी कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के बाद उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का धरना लगातार जारी है। बुधवार को आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली, जब भारतीय कृषक दल और किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांगों को जायज बताते हुए अपना समर्थन दिया। दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके संघर्ष में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। 20 दिनों से अधिक समय से चल रहे इस धरने में अब अन्य किसान संगठनों के शामिल होने से आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलने लगा है।

- बढ़े सर्किल रेट के आधार पर अतिरिक्त मुआवजे की मांग
दरअसल, रूपापुर औद्योगिक गलियारे के निर्माण के लिए क्षेत्र के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के समय उन्हें तत्कालीन सर्किल रेट के चार गुना के हिसाब से मुआवजा दिया गया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण और बैनामे की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद सर्किल रेट बढ़ा दिया गया। किसानों का आरोप है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। इसी के चलते वे बढ़े हुए सर्किल रेट के आधार पर अतिरिक्त मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
- 40 से 45 किसानों की पट्टे की जमीन का भी मामला
किसानों की दूसरी प्रमुख मांग सरकारी पट्टे की जमीन के मुआवजे से जुड़ी है। किसानों के मुताबिक करीब 40 से 45 किसानों की पट्टे की भूमि भी औद्योगिक गलियारे के लिए अधिग्रहित की गई है, लेकिन अब तक उन्हें इसका प्रतिकर नहीं मिला है। किसानों का कहना है कि वर्षों से इन जमीनों पर उनकी खेती और आजीविका निर्भर रही है। ऐसे में अधिग्रहण के बाद नियमानुसार उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
- दोनों संगठनों ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा
बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचे भारतीय कृषक दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राज प्रकाश सिंह चौहान और किसान मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश के विधिक सलाहकार संजय पांडेय एडवोकेट ने आंदोलन को समर्थन दिया। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं और मांगों को संबंधित अधिकारियों एवं शासन के समक्ष उठाया जाएगा। किसानों को उनके अधिकार दिलाने के लिए संगठन स्तर से हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

राज प्रकाश सिंह चौहान ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाता है तो उनके हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। किसानों को उचित मुआवजा मिलने के साथ औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय लोगों के भरण-पोषण और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की भी बात कही।
- कानूनी स्तर पर भी उठाया जाएगा किसानों का मुद्दा
किसान मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश के विधिक सलाहकार संजय पांडेय एडवोकेट ने कहा कि मुआवजे और पट्टे की भूमि के भुगतान से जुड़ी किसानों की समस्याओं को कानूनी स्तर पर भी उठाया जाएगा। किसानों को न्याय दिलाने के लिए संगठन हरसंभव सहयोग करेगा। धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। किसानों को उम्मीद है कि विभिन्न संगठनों के समर्थन से उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचेगी और मुआवजे से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा। इस दौरान किसान नन्हे सिंह, राकेश सिंह, अनिल सिंह, रामकुमार सिंह, मुन्नू सिंह, कृष्ण मुरारी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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