सहारनपुर में दरोगा पर मुकदमा: सर्राफ से लाखों के लेनदेन में समझौते और धमकी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर एक्शन
सहारनपुर की नगर कोतवाली में तैनात रहे उपनिरीक्षक मानसिंह पर कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज। सर्राफ से लाखों की वसूली में समझौते और धमकी देने के गंभीर आरोप।
सहारनपुर। पुलिस महकमे में पद के दुरुपयोग और अनुचित समझौते के दबाव का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसके चलते कोतवाली नगर थाने में पूर्व में तैनात रहे उपनिरीक्षक मानसिंह के विरुद्ध उसी थाने में आपराधिक अभियोग पंजीकृत किया गया है। सक्षम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस प्रशासन ने उपनिरीक्षक मानसिंह तथा एक अन्य व्यक्ति को नामजद करते हुए विधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की सघन विवेचना प्रारंभ कर दी है।
प्रकरण के अनुसार सर्राफा बाजार में मित्तल ज्वैलर्स नामक प्रतिष्ठान चलाने वाले पीड़ित कारोबारी अंश मित्तल पुत्र स्वर्गीय नीरज मित्तल ने न्यायालय के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि एक महिला उनकी दुकान से भारी मात्रा में स्वर्ण आभूषण ले गई थी। महिला ने करीब 39.307 ग्राम वजन के सोने के कंगन, जिनका मूल्य पांच लाख ग्यारह हजार सात सौ रुपये था, यह आश्वासन देकर उधार लिए थे कि वह धनराशि का भुगतान अगले दिन नकद अथवा डिजिटल माध्यम से कर देगी। इससे पूर्व भी संबंधित महिला करीब सात लाख रुपये के आभूषण नकद देकर ले जा चुकी थी। तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी जब आभूषणों की शेष रकम अदा नहीं की गई, तब पीड़ित व्यवसायी ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई थी।
आरोप है कि तत्कालीन समय में कोतवाली नगर में तैनात उपनिरीक्षक मानसिंह को मामले की जांच सौंपी गई थी। जांच अधिकारी ने दोनों पक्षों के बीच सुलह का समझौता कराते हुए महिला से बकाया रकम दिलाए जाने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद महीनों तक भुगतान नहीं हुआ। पीड़ित का आरोप है कि बाद में उन्हें लेनदेन के संबंध में कोतवाली नगर बुलाया गया, जहां उपनिरीक्षक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। कारोबारी ने जब अपनी बकाया धनराशि की मांग दोहराई, तो उन्हें थाने में बैठाकर प्रताड़ित करने, झूठे मुकदमे में फंसाने और कारागार भेजने की धमकी दी गई।
पीड़ित सर्राफ ने यह भी शिकायत की कि इस घटनाक्रम के बाद अज्ञात व्यक्तियों के जरिए उनके प्रतिष्ठान और परिवार पर दबाव बनाने तथा जान से मारने की धमकियां दिलवाई गईं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार लगाने के बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के सख्त आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने अपने ही पूर्व उपनिरीक्षक के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर निष्पक्ष साक्ष्य संकलन किया जा रहा है और विवेचना के निष्कर्षों के अनुसार नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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