सहारनपुर नगर निगम का 996.95 करोड़ का बजट पास, पार्षद मंसूर बदर ने उठाए गंभीर सवाल
सहारनपुर नगर निगम का 996.95 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट पास हुआ। बैठक में वित्तीय प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।
सहारनपुर नगर निगम कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में चालू वित्तीय सत्र के लिए 996.95 करोड़ रुपये के व्यय वाले पुनरीक्षित बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान कर दी गई। महापौर डॉक्टर अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त शिपू गिरि की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में शहर के विकास, आय-व्यय के संतुलन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से मंथन किया गया।
बजट पर चर्चा के दौरान कार्यकारिणी सदस्य एवं पार्षद मंसूर बदर ने निगम की वित्तीय स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने गृहकर, जलकर तथा लाइसेंस शुल्क वसूली में आ रही गिरावट पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि राजस्व में वृद्धि किए बिना नगर के बुनियादी विकास को गति देना संभव नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व में आयोजित आयोजनों के विस्तृत वित्तीय ब्यौरे की मांग करते हुए आय और व्यय के बीच उचित संतुलन बनाने पर जोर दिया।

शहर के मुख्य क्षेत्रों और निगम सीमा में शामिल बत्तीस गांवों में प्रकाश व्यवस्था का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। त्योहारों को देखते हुए मार्गों पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने की मांग रखी गई, जिसमें अकेले वार्ड संख्या 43 में बड़ी संख्या में लाइटें खराब होने का हवाला दिया गया। इसके अतिरिक्त बाह्य एजेंसी के माध्यम से सफाई कार्य संचालित होने के बावजूद संबंधित विभागों के भारी-भरकम बजट और आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए निर्धारित धनराशि के प्रभावी उपयोग न होने पर भी प्रशासनिक व्यवस्था से जवाब मांगा गया।
प्रशासनिक स्तर पर स्वीकृत पदों से अधिक कर्मियों की तैनाती और उनके वेतन भुगतान के नियमों पर भी सदस्यों ने स्पष्टीकरण चाहा। बैठक के दौरान नौ प्रमुख तालाबों के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण के लिए बारह करोड़ रुपये की योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आईआईटी रुड़की से तैयार कराने के सुझाव के बाद संबंधित प्रस्ताव को अग्रिम निर्णय तक रोक दिया गया। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटरों के पारिश्रमिक में संशोधन को लेकर भी सदन में चर्चा हुई।
नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वर्ष के अंत तक ऑनलाइन माध्यम से गृहकर का भुगतान करने वाले करदाताओं को पंद्रह प्रतिशत की विशेष छूट देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में कार्यकारिणी के अन्य सदस्य सुधीर पंवार, ज्योति अग्रवाल, वीर सेन, महमूद हसन तथा मयंक गर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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