सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों पर नकेल, सहारनपुर परिक्षेत्र में पुलिस को मिला 'सहयोग पोर्टल' का विशेष प्रशिक्षण
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली पुलिस को फर्जी खबरों व भ्रामक पोस्ट पर रोक लगाने के लिए सहयोग पोर्टल का विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया।
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में इंटरनेट मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों, झूठे दावों और गैरकानूनी पोस्ट पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। डिजिटल दुनिया में शांति और सामाजिक समरसता को प्रभावित करने वाले तत्वों पर सीधी निगरानी के लिए पुलिस तंत्र को आधुनिक तकनीकी उपायों से लैस किया जा रहा है। पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अभिषेक सिंह के नेतृत्व में परिक्षेत्र के तीनों जिलों के पुलिस तंत्र को इसके लिए विशेष कार्यप्रणाली से जोड़ा गया है।
परिक्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित एक विशेष ऑनलाइन संवाद सत्र में जिला प्रभारियों, क्षेत्राधिकारियों और थाना स्तर के अधिकारियों को निगरानी प्रक्रिया की बारीकियां समझाई गईं। इस दौरान केंद्र और राज्य स्तर पर संचालित सहयोग (SAHYOG) पोर्टल की तकनीकी क्षमताओं, उसके सही उपयोग और विभिन्न सोशल मीडिया मंचों से आपत्तिजनक पोस्ट हटवाने के कानूनी नियमों का पूरा खाका साझा किया गया। डिजिटल माध्यमों पर किसी भी प्रकार की भ्रामक गतिविधि सामने आने पर तत्काल तकनीकी जांच और साक्ष्य संकलन के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इंटरनेट पर अफवाह फैलाने वाले खातों और लोगों की पहचान के लिए तकनीकी साधनों के साथ आपसी तालमेल पर खास जोर दिया गया है। पुलिस टीमों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी संवेदनशील मामले में वायरल हो रहे संदेशों की वास्तविकता तुरंत परखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्लेटफॉर्म से संपर्क कर आपत्तिजनक सामग्री को फौरन ब्लॉक या हटवाया जाए। त्वरित और सटीक कार्रवाई के जरिए असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाए जाने वाले भ्रम को समय रहते समाप्त करना इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य है, जिससे इलाके में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ बनी रहे।
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