सहारनपुर में फिर गरमाया मुर्दा मीट का मुद्दा: टेंपो में मांस ले जाने का वीडियो वायरल, लोगों में आक्रोश
सहारनपुर में टेंपो में कट्टों में भरकर मांस ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुर्दा मीट का मुद्दा फिर गरमा गया है। जांच की मांग उठी है।
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में सोशल मीडिया पर सामने आए एक नए वीडियो के बाद कथित मुर्दा मीट का पुराना मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक टेंपो के अंदर कट्टों में भरकर मांस ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसे लेकर यह दावा किया जा रहा है कि इसे कमेले तक ले जाया जा रहा था। हालांकि, इस वायरल वीडियो की प्रमाणिकता, मांस की वास्तविक गुणवत्ता और उसके स्रोत को लेकर अभी तक किसी भी प्रशासनिक या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं में गहरी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यह मामला केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
कुतुबशेर की पुरानी कार्रवाई की यादें ताजा
गौरतलब है कि इससे पहले कुतुबशेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक कमेले पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुर्दा मीट के संदेह में कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। उस दौरान यह बात भी सामने आई थी कि इस तरह के मांस की सप्लाई शहर के विभिन्न होटलों और भोजनालयों में की जा रही थी, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। अब एक बार फिर नया वीडियो सामने आने के बाद शहरवासियों में वही पुरानी आशंकाएं और सवाल खड़े होने लगे हैं।
इसके अलावा, शहर के बाजारों में कम कीमत पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों विशेषकर ताहरी और बिरयानी की गुणवत्ता को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, केवल कम कीमत के आधार पर किसी भी कारोबारी पर सीधा आरोप लगाना अनुचित है, लेकिन लोगों का यह स्पष्ट मानना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग को इस पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।
आम जनता और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिस, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा पशु चिकित्सा विभाग को मिलकर इस वायरल वीडियो की गहनता से जांच करनी चाहिए। यह पता लगाया जाना बेहद जरूरी है कि मांस कहां से लाया जा रहा था, किस पशु का है और बिना किसी वैध पशु चिकित्सीय जांच के बाजार तक कैसे पहुंच रहा है। यदि इस मामले में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम जनजीवन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।
What's Your Reaction?



