सम्भल के कोतवाली चौक की बदलेगी सूरत! आचमन कूप का होगा कायाकल्प, दिसंबर तक 26 तीर्थ-कूपों को संवारने का लक्ष्य
सम्भल के कोतवाली चौक और पौराणिक आचमन कूप का होगा कायाकल्प। डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि दिसंबर तक 26 तीर्थों-कूपों के संरक्षण के साथ लगेंगे क्यूआर कोड साइनेज।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
- क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी ऐतिहासिक-पौराणिक स्थलों की जानकारी, स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा लगाने पर भी विचार
सम्भल में ऐतिहासिक और पौराणिक विरासत को नई पहचान देने की तैयारी तेज हो गई है। शहर के प्रमुख कोतवाली चौक का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। यहां बिजली के ट्रांसफार्मर को शिफ्ट करने के साथ वर्षों से उपेक्षित पड़े आचमन कूप का भी कायाकल्प होगा। कूप पर आकर्षक लाइटिंग और फाउंटेन लगाए जाने की योजना है। इसके अलावा सम्भल की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े स्वतंत्रता सेनानियों और अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कोतवाली चौक का निरीक्षण कर प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर सम्भल नगर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

कोतवाली चौक शहर के प्रमुख बाजारों में शामिल है। ऐसे में यहां यातायात को सुचारू बनाने और पूरे क्षेत्र को सुंदर रूप देने के उद्देश्य से कार्य कराए जाएंगे।
- 68 तीर्थों और 19 कूपों की विरासत को संवारने की तैयारी
डीएम ने बताया कि सम्भल का धार्मिक और पौराणिक महत्व बेहद खास है। यहां 68 तीर्थों और 19 कूपों की मान्यता है। इन्हीं में शामिल आचमन कूप के सौंदर्यीकरण के लिए नगरपालिका से धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। योजना के तहत कूप को आकर्षक रूप देने के साथ लाइटिंग और फाउंटेन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- दिसंबर तक पहले चरण के काम पूरे करने का लक्ष्य
जिलाधिकारी के मुताबिक, सम्भल में करीब 25 से 26 तीर्थों और कूपों पर फिलहाल काम चल रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि दिसंबर तक पहले चरण में इन सभी स्थलों के कार्य पूरे कर लिए जाएं। इसके बाद दूसरे चरण में नए स्वीकृत स्थलों पर काम शुरू कराया जाएगा।
- साइनेज और क्यूआर कोड से मिलेगी इतिहास की जानकारी
सम्भल आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों पर एक ही थीम के आकर्षक साइनेज लगाए जाएंगे। इन पर संबंधित स्थल का संक्षिप्त इतिहास और दिशा-सूचक जानकारी होगी।

खास बात यह है कि साइनेज पर क्यूआर कोड भी लगाया जाएगा। इसे स्कैन करते ही लोगों को संबंधित स्थल के इतिहास और महत्व की जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन की इस पहल से सम्भल की ऐतिहासिक विरासत को संवारने, पर्यटन को बढ़ावा देने और शहर की पहचान को नई मजबूती देने की उम्मीद है।
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