सम्भल में सपा टिकट को लेकर फिर गरमाई सियासत, फिरोज खान का बड़ा दावा- 'परिवर्तन का विकल्प मैं ही हूं'
सम्भल विधानसभा सीट से सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने ठोकी चुनावी दावेदारी। विरासत की राजनीति पर तंज कसते हुए खुद को बताया जनता के बदलाव का एकमात्र विकल्प।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सम्भल सीट से अपनी दावेदारी को एक बार फिर खुलकर सामने रखा है। सपा विधायक इकबाल महमूद द्वारा बेटे सुहैल इकबाल की संस्तुति किए जाने के बीच फिरोज खान ने कहा कि वह करीब तीन दशक से राजनीति में संघर्ष कर रहे हैं और सम्भल की जनता के बीच उनका लंबा राजनीतिक सफर रहा है।
फिरोज खान ने कहा कि उन्होंने 2012 और 2017 में विधानसभा टिकट के साथ लोकसभा टिकट की भी दावेदारी की थी। उनका दावा है कि वह 1989 से राजनीति में सक्रिय हैं और जमीन से संघर्ष करते हुए यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने बिना नाम लिए इशारों में कहा कि उन्होंने न तो लोगों के प्लॉटों पर कब्जे किए और न ही कब्जा करने वालों का साथ दिया। सुहैल इकबाल को लेकर उन्होंने सीधे तुलना से इनकार किया, लेकिन विरासत की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि “किसी की गाड़ी लेकर उसे चलाना ड्राइविंग नहीं, अपनी गाड़ी खरीदकर चलाने में मेहनत और दर्द समझ आता है।”
उन्होंने कहा कि जनता का दुख-दर्द वही बेहतर समझ सकता है, जो संघर्ष करते हुए जनता के बीच से आगे आया हो। निर्दलीय चुनाव लड़ने के सवाल पर फिरोज खान ने खुद को “पक्का समाजवादी” बताते हुए कहा कि उन्हें पार्टी नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से उन्हें आश्वासन मिला है और सम्भल से ही चुनाव लड़ने की उनकी पहल उसी भरोसे पर है।
चेयरमैन चुनाव में सपा की हार पर भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि आज भी उन्हें इस हार का अफसोस है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब “बदलाव” और “सलीकेदार जनप्रतिनिधि” चाहती है और सम्भल में इस बदलाव का विकल्प वह खुद हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि साइकिल का निशान सम्भल से कामयाब होकर जाएगा और 2027 में पीडीए सरकार बनने की उम्मीद है।
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