Seva Sankalp Abhiyan: पीएम मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर यूपी में चलेगा 'सेवा संकल्प अभियान', सीएम योगी ने की घोषणा
पीएम नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के 25 वर्ष पूर्ण होने पर यूपी में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलेगा। सीएम योगी ने 12 बड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की।
- UP Politics: पीएम मोदी के पास न सत्ता की वंश परंपरा थी न विरासत, तप और संघर्ष से बनाई पहचान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- Seva Sankalp Abhiyan UP: बड़नगर से काशी तक 20 यात्राएं, 10 नदियों का जल और 'आशीर्वाद का दीया'; जानिए सीएम योगी का पूरा प्लान
- 17 September Seva Diwas: 762 नगर निकायों और 826 विकासखंडों में लगेंगे 'सेवा सेतु' शिविर, सीएम योगी ने जारी की 12 अभियानों की रूपरेखा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्यव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान' की औपचारिक रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ न तो किसी प्रकार की सत्ता की वंश परंपरा जुड़ी थी और न ही उन्हें कोई राजनीतिक पद विरासत में प्राप्त हुआ था। उन्होंने अपने अनवरत तप, साधना, जनसरोकार और कड़े संघर्ष के बल पर स्वयं को देश और दुनिया के पटल पर एक प्रमाणिक नेतृत्व के रूप में स्थापित किया। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 7 अक्टूबर 2001 को पदभार संभालने से लेकर देश के प्रधानमंत्री पद तक, शासन प्रमुख के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक यात्रा और उनके अभूतपूर्व योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन मिलकर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक माह का विस्तृत अभियान संचालित करेंगे।
पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और उच्च शिक्षा मंत्री सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को संपूर्ण प्रदेश में 'सेवा दिवस' के रूप में आयोजित किया जाएगा। इस दिन प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर निकाय, बेसिक शिक्षा के ऑपरेशन कायाकल्प से संवरे विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों और प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों में जनसहभागिता के साथ 'आशीर्वाद का दीया' प्रज्वलित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य प्रधानमंत्री के दीर्घायु, स्वस्थ जीवन और निरंतर राष्ट्र सेवा की कामना करना है।
गुजरात मॉडल से लेकर नए भारत के निर्माण की यात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव का विस्तृत विश्लेषण करते हुए कहा कि 2001 से पूर्व गुजरात गंभीर प्राकृतिक आपदाओं, पेयजल संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने सरदार सरोवर जैसी दशकों से लंबित बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को जमीन पर उतारा और दूरदराज के मरुस्थलीय क्षेत्रों तक नल से जल पहुंचाया। 13 वर्षों के कार्यकाल में गुजरात को बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश और सुशासन का वैश्विक रोल मॉडल बनाया गया।
इसके पश्चात 26 मई 2014 को जब उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभाला, तब उन्होंने 'नेशन फर्स्ट' के विजन के साथ 'एक भारत श्रेष्ठ भारत', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत' की आधारशिला रखी। देश को उस दौर से बाहर निकाला गया जब भारत की गिनती दुनिया की लड़खड़ाती 'फ्रेजाइल फाइव' अर्थव्यवस्थाओं में होती थी। आज भारत विश्व की शीर्ष पांच आर्थिक महाशक्तियों में मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि तीन दर्जन से अधिक संप्रभु राष्ट्रों ने प्रधानमंत्री को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है, जो वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण और गुलामी की मानसिकता से मुक्ति
विरासत के संरक्षण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक भारत के मूल सांस्कृतिक प्रतीकों को लेकर तत्कालीन सरकारों में झिझक का माहौल रहा। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के समय तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को समारोह में सम्मिलित न होने का सुझाव दिया था। हालांकि डॉ. प्रसाद वहां पहुंचे और उनका उद्बोधन आज भी प्रेरणा देता है, लेकिन इस प्रकार की प्रवृत्तियों ने जनता के मानस में हीनभावना भरने का कार्य किया।
वर्ष 2014 के बाद देश उस औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकला है। आज अयोध्या में पांच शताब्दियों के लंबे इंतजार के उपरांत श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण, काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प और भव्य-दिव्य कुंभ के वैश्विक आयोजन इस बात के प्रमाण हैं कि भारत विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक धरोहर को भी गर्व के साथ संजो रहा है।
आधुनिक अवसंरचना और जनकल्याणकारी नीतियों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय जीवन के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि पूर्व में रेलवे लाइनों के दोहरीकरण, आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण के लिए सांसदों को मंत्रालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, फिर भी काम लंबित रह जाते थे। आज भारतीय रेल का लगभग 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, अमृत भारत स्टेशनों का आधुनिकीकरण हो रहा है और देश में वंदे भारत, नमो भारत (रैपिड रेल) जैसी अत्याधुनिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की सुविधा को धरातल पर उतारा।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में आए बदलावों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि दशकों तक देश में एकमात्र एम्स दिल्ली में था, जो अटल बिहारी वाजपेयी के समय बढ़कर सात हुआ और वर्तमान में इसकी संख्या 23 तक पहुंच चुकी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन्सेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) के खिलाफ अपनी लंबी लड़ाई का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि जिस बीमारी का टीका जापान में 1905 में बन गया था, वह भारत में 100 वर्ष बाद यानी 2005 में आया। इसके विपरीत, कोरोना महामारी के दौरान देश ने मात्र नौ माह में स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर अपने नागरिकों को निःशुल्क उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि आज देश के 80 करोड़ नागरिकों को मुफ्त राशन, 4 करोड़ से अधिक परिवारों को पक्के आवास, 12 करोड़ शौचालयों और 11 करोड़ उज्ज्वला गैस कनेक्शनों ने करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। जनधन खातों और डीबीटी प्रणाली ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस कथन को पूरी तरह अप्रासंगिक बना दिया है जिसमें कहा गया था कि 100 रुपये में से नीचे केवल 15 रुपये पहुंचते हैं।
महीने भर चलने वाले 12 प्रमुख अभियानों की रूपरेखा
मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित होने वाले 12 प्रमुख कार्यक्रमों का बिंदुवार विवरण प्रस्तुत किया:
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आशीर्वाद का दीया एवं सेवा दिवस (17 सितंबर): सभी ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, प्राथमिक विद्यालयों और ग्राम सचिवालयों में दीप प्रज्वलन। अस्पतालों में प्रातःकाल फल वितरण और रक्तदान शिविरों का आयोजन।
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बड़नगर-काशी सद्भावना यात्राएं: प्रधानमंत्री के जन्मस्थान गुजरात के बड़नगर और उनकी संसदीय कर्मभूमि काशी के बीच 20 यात्राएं निकलेंगी। 10 यात्राएं बड़नगर से काशी और 10 यात्राएं काशी से बड़नगर की ओर जाएंगी। उत्तर प्रदेश की 10 प्रमुख नदियों का पवित्र जल लेकर चलने वाली ये यात्राएं 7 अक्टूबर को पूर्ण होंगी और प्रतिदिन चार स्थानों पर जनचौपाल लगाकर 'नेशन फर्स्ट' विचार पर संवाद करेंगी।
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शैक्षणिक प्रतियोगिताएं (17 सितंबर से 17 अक्टूबर): बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए 'आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर विकसित उत्तर प्रदेश' विषय पर चित्रकला (कक्षा 5-8), निबंध (कक्षा 9-12) और भाषण प्रतियोगिताएं (कॉलेज स्तर)। चयनित प्रतिभागियों को 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
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नमो सेवा अनकही कहानियां: पिछले वर्षों में एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, मेट्रो और जनकल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की वास्तविक और अनसुनी कहानियों का दस्तावेजीकरण।
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आंगन मिलन का सेवा: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा बहुओं का सम्मान। मॉडल केंद्रों पर स्वस्थ बेबी प्रतियोगिता और कुपोषण मुक्त बच्चों के लिए विशेष आयोजन।
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सेवा की कहानी: अटल आवासीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के ढांचागत बदलाव और श्रमिक परिवारों के बच्चों की सफलता की कहानियों का प्रस्तुतीकरण।
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सेवा ज्योति कलश यात्रा: प्रत्येक जनपद के प्रमुख चौराहों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवा संदेशों और पंच प्रण संकल्पों का प्रसारण।
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सेवा मेरा योगदान: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा मलिन बस्तियों, गंगा व अन्य नदी घाटों, देवालयों में स्वच्छता अभियान, 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण, गो-सेवा और वोकल फॉर लोकल के तहत ओडीओपी उत्पादों का प्रचार।
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सेवा सेतु शिविर (29-30 सितंबर से 10 अक्टूबर): प्रदेश के सभी 826 विकासखंडों और 762 नगर निकायों में 6 से 7 दिवसीय विशेष शिविर। पात्र वंचितों को पेंशन, आवास, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसी योजनाओं से मौके पर सत्यापन कर जोड़ना।
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रंगोली प्रतियोगिता: 'राष्ट्र के रंग, सेवा के रंग और राष्ट्र के संग' थीम पर प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय उपलब्धियों को दर्शाती रंगोली का निर्माण।
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सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज: तकनीकी संस्थानों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई और प्रदेश के 24 हजार से अधिक स्टार्टअप्स तथा अटल टिंकरिंग लैब्स के विद्यार्थियों के लिए रोबोटिक्स, ड्रोन और नवाचार आधारित प्रतियोगिताएं।
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सुशासन सेवा संवाद: अभियान के अंतिम चरण में नगर निकायों और त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री का सीधा संवाद प्रस्तावित।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि यह अभियान 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर अंत्योदय संकल्प और 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर ग्राम स्वराज के संकल्पों को आत्मसात करते हुए हर बूथ और शक्ति केंद्र तक जनसेवा के रूप में पहुंचेगा।
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