सीतापुर समाचार: अवैध प्लाटिंग और जिला पंचायत की संपत्तियों पर कब्जों पर डीएम सख्त, सात दिन में रिपोर्ट तलब

सीतापुर के जिलाधिकारी डॉक्टर राजा गणपति आर ने जिला पंचायत संपत्तियों पर अवैध कब्जे और बिना मंजूरी हो रही प्लाटिंग की जांच के लिए सात दिन का समय दिया है।

Jul 3, 2026 - 22:18
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सीतापुर समाचार: अवैध प्लाटिंग और जिला पंचायत की संपत्तियों पर कब्जों पर डीएम सख्त, सात दिन में रिपोर्ट तलब

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों और बिना प्रशासनिक मंजूरी के धड़ल्ले से की जा रही प्लाटिंग को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी डॉक्टर राजा गणपति आर ने कैंप कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान जिला पंचायत के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विकास कार्यों, स्वीकृत मानचित्रों और विभाग की अचल संपत्तियों की स्थिति की गहन पड़ताल की। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में जिला पंचायत की मूल्यवान जमीनों और दुकानों पर अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा किए गए कब्जों का मामला सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से अवर अभियंताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में जाकर वास्तविक स्थिति का पता लगाएं।

समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि जिले के कई हिस्सों में जिला पंचायत की दुकानों को वास्तविक आवंटियों की जगह अन्य किराएदारों द्वारा अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है, जिसे प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं को कड़े शब्दों में आदेश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में मौजूद जिला पंचायत की सभी संपत्तियों का जमीनी सर्वे पूरा करें और इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट प्रशासनिक मुख्यालय को सौंपें। इसके साथ ही, जिले के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में कृषि भूमि पर बिना ले-आउट पास कराए की जा रही अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए भी उन्होंने सख्त समय-सीमा तय कर दी है।

भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ शुरू की गई इस कार्रवाई के तहत जिले के सभी अवर अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने संबंधित क्षेत्रों का गहन निरीक्षण करें। उन्हें केवल सात दिनों के भीतर अपने इलाके में चल रही सभी अवैध प्लाटिंग की पहचान कर एक स्पष्ट और पारदर्शी रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर बिना अनुमति के जमीन बेचने और अवैध निर्माण करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता तथा राजस्व व टैक्स वसूली विभाग के सभी प्रमुख कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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