Sitapur Railway Crossing Danger: स्कूल पहुंचने की होड़ में जान जोखिम में डाल रहे बच्चे, बंद फाटक के नीचे से पार कर रहे पटरी
Sitapur Railway Crossing Danger: सीतापुर शहर में स्कूल पहुंचने की जल्दबाजी में बच्चे बंद रेलवे क्रॉसिंग पार कर जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जताई चिंता।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
उत्तर प्रदेश के सीतापुर शहर से सुरक्षा नियमों को ताक पर रखने वाली एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां रोजाना सुबह स्कूल पहुंचने की आपाधापी और जल्दबाजी में दर्जनों स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे क्रॉसिंग पार करते नजर आ रहे हैं। यह गंभीर लापरवाही शहर के व्यस्त रेलवे फाटकों पर देखी जा रही है, जहां ट्रेन आने के संकेत या फाटक बंद होने के बावजूद छात्र शॉर्टकट अपना रहे हैं। चंद मिनट का समय बचाने के चक्कर में बच्चों का यह रवैया किसी भी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकता है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पर गहरा रोष जताते हुए अभिभावकों, स्कूल प्रशासनों और रेलवे विभाग से तुरंत इस जानलेवा लापरवाही पर अंकुश लगाने और सख्त कदम उठाने की अपील की है।
पूरा मामला जिला मुख्यालय सीतापुर के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों से जुड़ा है, जहां सुबह के समय स्कूलों की टाइमिंग के दौरान रेलवे क्रॉसिंग्स पर भारी अराजकता और लापरवाही देखने को मिल रही है। दरअसल, जब ट्रेनों के गुजरने के समय सिग्नल होने पर रेलवे गेटमैन द्वारा फाटक गिरा दिया जाता है, तब वहां से गुजरने वाले स्कूली बच्चे रुकने के बजाय बंद फाटक के नीचे से झुककर अपनी साइकिलों और भारी बस्तों के साथ पटरी पार करने की कोशिश करते हैं। यह स्थिति केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि सुबह और दोपहर में छुट्टी के वक्त यह बच्चों की आदत में शुमार होता दिख रहा है, जो उनकी सुरक्षा के लिहाज से बेहद डरावना है।
सीतापुर शहर के विभिन्न व्यस्त रूटों पर स्थित रेलवे फाटकों पर सुबह 7 से 9 बजे के बीच जब कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का आवागमन होता है, उसी समय बच्चों के स्कूल की बसें, वैन और साइकिल सवार छात्र भी वहां पहुंचते हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही रेलवे का सायरन बजता है और गेट बंद होने लगता है, वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
इसी दौरान, कई छात्र इस डर से कि वे स्कूल के लिए लेट हो जाएंगे, अपनी साइकिलों को उठाकर या बंद बैरियर के नीचे से रेंगकर दूसरी तरफ जाने लगते हैं। कई बार तो ऐसा देखा गया है कि दूर से ट्रेन आती दिखाई दे रही होती है, लेकिन बच्चे ट्रैक खाली होने का गलत अंदाजा लगाकर तेजी से दौड़ पड़ते हैं। जरा सी चूक या पैर फिसलने की स्थिति में यहां पल भर में बड़ा हादसा हो सकता है।
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