Sultanpur : अधिकारी बनकर ठग ने जीता भरोसा, स्वास्थ्य कर्मी के खाते से उड़ाए करीब 1 लाख रुपये

शुरुआत में पीड़िता को थोड़ा शक हुआ, लेकिन ठग ने व्हाट्सएप पर जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती और उनके मोबाइल नंबरों की सरकारी सूची भेज दी। यह सूची देखकर पीड़िता को भरोसा हो गया कि फोन करने वाला सच में कोई अधिकारी ही है। अनीता यादव खुद

May 27, 2026 - 22:39
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Sultanpur : अधिकारी बनकर ठग ने जीता भरोसा, स्वास्थ्य कर्मी के खाते से उड़ाए करीब 1 लाख रुपये
Sultanpur : अधिकारी बनकर ठग ने जीता भरोसा, स्वास्थ्य कर्मी के खाते से उड़ाए करीब 1 लाख रुपये

सुल्तानपुर जिले में साइबर अपराधियों ने स्वास्थ्य विभाग की एक महिला कर्मचारी को सरकारी अधिकारी बनकर अपने जाल में फंसाया और उनके खाते से करीब 1 लाख रुपये साफ कर दिए। ठगों ने इसके लिए सबसे पहले विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप का फायदा उठाकर विश्वास जीता और फिर अस्पताल की मरम्मत के लिए पैसे भेजने का लालच देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। यह मामला लंभुआ थाना क्षेत्र के मड़ुई लाल (अवसानपुर) गांव का है। यहाँ रहने वाली अनीता यादव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंभुआ में एएनएम के पद पर काम करती हैं और वही इस ठगी का शिकार हुई हैं।

पीड़िता के मुताबिक स्वास्थ्य केंद्र के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में अधीक्षक राघवेंद्र प्रताप सिंह के नंबर से एक मैसेज आया था। उस मैसेज में लिखा था कि कलेक्ट्रेट सुल्तानपुर से नायब तहसीलदार अशोक मीना का फोन आएगा, जो स्वास्थ्य केंद्र के शौचालय और स्नानघर की मरम्मत की रिपोर्ट मांगेंगे। इसलिए सभी कर्मचारी अपनी कॉल रिकॉर्डिंग चालू रखें। इसके कुछ समय बाद ही अनीता यादव के फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को नायब तहसीलदार अशोक मीना बताते हुए कहा कि अस्पताल की मरम्मत के लिए सरकारी बजट भेजा जाना है, इसके लिए अपना ऑनलाइन पेमेंट नंबर दे दें।

शुरुआत में पीड़िता को थोड़ा शक हुआ, लेकिन ठग ने व्हाट्सएप पर जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती और उनके मोबाइल नंबरों की सरकारी सूची भेज दी। यह सूची देखकर पीड़िता को भरोसा हो गया कि फोन करने वाला सच में कोई अधिकारी ही है। अनीता यादव खुद ऑनलाइन पेमेंट ऐप का इस्तेमाल नहीं करती थीं, इसलिए उन्होंने अपने देवर संदीप जगदम्बा प्रसाद यादव का मोबाइल नंबर ठग को दे दिया। ठग ने भरोसा पक्का करने के लिए पहले उस नंबर पर 20 रुपये भेजे। इसके बाद उसने एक लिंक भेजकर कहा कि पूरी रकम खाते में भेजने के लिए फोन पर आया ओटीपी बताना होगा। जैसे ही ओटीपी बताया गया, खाते से किश्तों में पैसे कटने शुरू हो गए। ठग ने तीन बार में 34990 रुपये, 34990 रुपये, 27990 रुपये और चौथी बार में 10 रुपये निकाल लिए। इस तरह खाते से कुल 97980 रुपये उड़ा दिए गए।

पैसे कटने पर ठगी का पता चलते ही पीड़िता ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और सुल्तानपुर साइबर थाने में आवेदन दिया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जांच अधिकारी राजकुमार पाल पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रहे हैं।

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