Lucknow: प्रदेश में 1000 से अधिक जीसीसी स्थापित करने, 5 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य। 

उत्तर प्रदेश तेजी से विकसित होती अवसंरचना के कारण वैश्विक कंपनियों को दीर्घकालिक निवेश के लिए अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यह प्रदेश ग्लोबल

Jan 13, 2026 - 18:00
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Lucknow: प्रदेश में 1000 से अधिक जीसीसी स्थापित करने, 5 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य। 
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  • ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का भरोसेमंद ठिकाना बनता जा रहा है उत्तर प्रदेश। 
  • योगी सरकार की नीतिगत स्पष्टता से उत्तर प्रदेश पर बढ़ा वैश्विक कंपनियों का भरोसा
  • हाई स्किल रोजगार के सृजन की ओर बढ़ रहा है प्रदेश, थमेगा प्रतिभा पलायन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश तेजी से विकसित होती अवसंरचना के कारण वैश्विक कंपनियों को दीर्घकालिक निवेश के लिए अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यह प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) निवेश की दृष्टि से एक उभरता हुआ गंतव्य बन गया है। पिछले नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नॉलेज और सर्विस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर भी मजबूती से अपने कदम बढ़ा रहा है। उद्योग जगत के विशेषज्ञों का कहना है की आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश वैश्विक कंपनियों का एक बहुत बड़ा केंद्र बनेगा। प्रदेश में 1000 से अधिक जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य है, जिसके माध्यम से प्रदेश के पांच लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।   

उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति 2024 के माध्यम से योगी सरकार ने जिस नीतिगत स्पष्टता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को अपनाया है उससे वैश्विक कंपनियों की सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है। इनमें नियमों की अनिश्चितता और प्रक्रियाओं में देरी सबसे प्रमुख थी। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने स्पष्ट ढांचा तैयार किया है, जिससे निवेशकों को शुरुआत से ही नियम शर्तें और दायित्व समझ में आ सकें। इससे भरोसे का वातावरण बना है, निर्णय लेने की गति तेज हुई है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में इस समय लगभग 90 जीसीसी हैं। 

भूमि आधारित प्रोत्साहन, निवेश की शुरुआती लागत को घटाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार की सोच है कि जब निवेशक को शुरुआती चरण में संरचनात्मक सहयोग मिलेगा तो वह लंबे समय तक प्रदेश से जुड़ा रहेगा। यही कारण है कि अस्थायी ऑफिस या किराए की व्यवस्था के स्थान पर स्थायी औद्योगिक ढांचे को प्राथमिकता दी जा रही है। यह मॉडल प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूत और स्थिर बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। प्रदेश सरकार का जोर केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, इसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी है। इसके लिए जवाबदेही तय की गई है, जिससे परियोजनाएं तय समय में पूरी हो सकें। निवेशकों की नजर में उत्तर प्रदेश अब परिणाम देने वाला राज्य है जहाँ पर निवेश करना फायदेमंद है।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के जरिये प्रदेश में हाई वैल्यू रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, डेटा और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्राप्त होने का रास्ता मिल रहा है। इससे न केवल प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता सुदृढ़ होगी बल्कि प्रतिभा पलायन की प्रवृत्ति पर भी प्रभावी रूप से नियंत्रण संभव होगा। विशेष रूप से कम विकसित क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर सरकार क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। जब वैश्विक कंपनियां इन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगी तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

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